-खेतों में पानी खड़ा रहने से बनी दलदल
- ग्रामीणों ने डीएम से लगाई समस्या के समाधान की गुहार
चिलकाना। खादर क्षेत्र में बहने वाली गांंगरो नदी का रुख कुछ लोगों द्वारा बदल देने के कारण दो गांवों की कई हजार बीघा जमीन में खड़ी फसलें नष्ट हो गई हैं। लगातार पानी भरे रहने से खेतों की जमीन में भी दलदल बन गई है। इन खेतों में घुसना तक दुश्वार हो गया है।
गांव मलकपुर चैनपुरा के कुरबान, मकसूद, इस्लाम, खलील, अब्बास, जुल्फान तथा गांव नथमलपुर के जमशेद, शराफत, जाबीर आदि ने बताया कि उनके खेतों के पास से होकर गांगरो नदी तथा एक नाला बहता है। आरोप है कि गांव नथमलपुर के कुछ लोगों ने अपने स्वार्थ के लिए गागरो नदी तथा नाले की धारा में बांध लगाकर उसका रुख बदल दिया है। इस कारण उनके गांव की करीब पांच हजार बीघा जमीन में खड़ी फसल पानी भरने से पूरी तरह तबाह हो गई है। धान की फसल में नदी का रेत एक से तीन फीट तक चढ़ गया है। खेतों में मिट्टी की जगह दलदल हो गई। खेतों में खड़े पॉपुलर के पेड़ भी ज्यादा पानी होने के कारण पीले पड़ने लगे हैं।
ग्रामीणों ने डीएम को भेजे पत्र में कहा कि नदी अपनी धारा बदलती रहती है। सजरे के अनुसार नदी तथा नाले की पटरी पर तटबंध बनाया जाए। ग्रामीणों ने डीएम से फसलों के नुकसान की भरपाई तथा नदी का रुख बदलने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। हल्का लेखपाल अमित कौशिक ने बताया कि उन्होंने नाले में लगाए हुए अवरोध को कुछ दिन पहले हटवा दिया था। जब तक नदी पुराने स्वरूप में नहीं आएगी, तब तक समस्या का हल नहीं होगा। ग्राम प्रधान राकेश सैनी ने बताया कि नदी के विवाद को निपटाने के लिए गांव में पंचायत हुई थी। आपसी सहमति भी बन गई थी, लेकिन कुछ लोगों ने समझौते को मानने से इंकार कर दिया था।
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मामला अभी तक उनके संज्ञान में नहीं था। जल्द ही समस्या का स्थाई हल निकाला जाएगा।
अमित कुमार सिंह
तहसीलदार सदर