सहारनपुर। मानसून की बेरुखी फसलों पर भारी पड़ रही है। कम बारिश को देखते हुए शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन द्वारा जनपद में सूखे के असर को लेकर सर्वे कराया गया। सर्वे में जनपद में बारिश कम होने से फसलों की उत्पादकता में पांच से दस प्रतिशत तक की कमी रहने का अनुमान है। ऐसे में जनपद सूखा ग्रस्त की श्रेणी में नहीं आएगा।
शासन के निर्देश पर जिलाधिकारी अखिलेश सिंह ने कम बरसात के चलते फसलों पर पड़ने वाले असर का आकलन करने के लिए अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व रजनीश मिश्र की अध्यक्षता में नौ सदस्यीय टीम का गठन किया था। टीम ने जनपद के 1668 गांवों में फसलों में हुए नुकसान का सर्वे किया। इस वर्ष के अगस्त तक के आंकड़ों के अनुसार जनपद में औसत से करीब 47.69 फीसदी बारिश कम हुई है।
जिला कृषि अधिकारी धीरज कुमार सिंह ने बताया कि कम बारिश होने का असर फसलों की उत्पादकता पर पड़ेगा। जनपद में गन्ने की औसत उत्पादकता 830 क्विंटल प्रति हेक्टेयर है जिसके इस बार 794 क्विंटल रहने का आकलन है। धान की औसत उत्पादकता 42 क्विंटल प्रति हेक्टेयर है यह घटकर इस बार 38 क्विंटल रहने का अनुमान है।
जनपद में सूखे को लेकर फसलों का सर्वे कार्य पूरा हो चुका है। टीम ने फसलों की उत्पादकता पांच से दस प्रतिशत कम रहने का आकलन किया है। रिपोर्ट की पोर्टल पर फीडिंग चल रही है, इसे शासन के भेजा जाएगा। जिला सूखाग्रस्त श्रेणी में तब आता है, जब 33 प्रतिशत से अधिक उत्पादकता कम होती है, जिले में पांच से दस प्रतिशत उत्पादकता कम होने का अनुमान है, इसलिए जनपद सूखाग्रस्त की श्रेणी में नहीं आएगा।
- रजनीश कुमार मिश्र, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व।
जनपद में फसलों का क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)
फसल क्षेत्रफल
गन्ना 121786
धान 57000
उड़द 1280
मक्का 8120
तिल 87
चारा 7000
जनपद में बारिश की स्थिति (मिलीमीटर में)
महीना वर्ष 2020 वर्ष 2021 वर्ष 2022
जनवरी 60.40 10.40 176.01
फरवरी 19.00 11.80 31.90
मार्च 67.00 0.00 0.00
अप्रैल 05.00 0.60 0.00
मई 58.09 66.20 13.35
जून 59.06 43.00 53.20
जुलाई 261.02 301.04 164.60
अगस्त 263.80 179.00 57.00
नोट: सभी आंकडे़ कृषि विभाग से लिए गए हैं।