सहारनपुर। शेखुल हिंद मौलाना महमूद हसन मेडिकल कॉलेज पिलखनी में रैगिंग की शिकायत से हड़कंप मच गया। मंडलायुक्त लोकेश एम. ने एसएसपी और प्रधानाचार्य को इसकी जांच के निर्देश दिए हैं। पुलिस और कॉलेज ने जांच प्रारंभ कर दी है। उधर, प्रधानाचार्य ने बताया कि करीब चार दिन पहले एक छात्रा ने सीनियर छात्रों द्वारा प्रताड़ित किए जाने की शिकायत की थी, जिसकी जांच के लिए कमेटी बनाई गई, लेकिन अगले ही दिन पीड़ित छात्रा ने मामले की जांच नहीं कराने की मांग की थी।
शिकायत करने वाले छात्रों ने बताया कि वह वर्ष 2021 बैच के जूनियर और 2020 बैच के स्पेशियालिटी के छात्र हैं। उनका आरोप है कि सीनियर छात्र उनकी रैगिंग करते हैं। जिसकी वजह से वह मानसिक रूप से प्रताड़ित हैं और अपनी पढ़ाई तक नहीं कर पा रहे हैं। उनका आरोप है कि उनकी निजी जिंदगी और परिवार पर भी टिप्पणी की जाती है, जिससे वह खुद को अपमानित महसूस करते हैं। शिकायत में यह भी बताया कि वह अधिकारियों के पास इसलिए नहीं जाते हैं, क्योंकि इससे उनके नाम का खुलासा हो जाएगा, जिसके बाद सीनियर्स उन्हें और प्रताड़ित कर सकते हैं।
राजकीय मेडिकल कॉलेज की प्रमुख घटनाएं
--चार जुलाई 2022 को बाहरी युवकों द्वारा कॉलेज में फायरिंग की गई।
--11 मई 2022 को मेडिकल के जूनियर और सीनियर छात्रों के गुटों के बीच संघर्ष हुआ।
--चार फरवरी 2022 को सीनियर छात्रों द्वारा एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्रों की रैगिंग करते हुए मुर्गा बनाया गया और बाल काटे गए।
--30 जुलाई 2021 को सीनियर छात्रों के द्वारा जूनियर छात्रों की रैगिंग की गई।
--15 सितंबर 2019 को छात्रों ने बीयर पार्टी की, जिसमें जमकर हंगामा हुआ बोतलें तोड़ी और पत्थर चले।
--28 नवंबर 2018 को रैगिंग का मामला सामने आया, जिसमें 53 छात्रों को आरोपी मानते हुए निष्कासित किया गया।
प्रॉक्टोरियल बोर्ड व एंटी रैगिंग सेल करेगा जांच : प्रधानाचार्य
प्रधानाचार्य डॉ. अरविंद कुमार त्रिवेदी ने बताया कि मंडलायुक्त की ओर से रैगिंग को लेकर शिकायती पत्र आया है, जिसमें न तो शिकायकर्ताओं का नाम है न ही रैगिंग करने वालों का। चूंकि कॉलेज में प्रधानाचार्य पद को लेकर भी खींचतान चल रही है। ऐसे में हमें लगता है कि यह विरोधियों द्वारा रची जा रही साजिश का हिस्सा हो सकता है। फिर भी हम प्रॉक्टोरियल बोर्ड और एंटी रैगिंग सेल से जांच करा रहे हैं।
राजकीय मेडिकल कॉलेज में कथित तौर पर रैगिंग से संबंधित एक पत्र मिला है, जिसे वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को भेजकर जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य को भी पत्र भेज दिया गया है और जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं। यदि वाकई में रैगिंग हो रही है तो दोषियों पर कार्रवाई कराई जाएगी।
लोकेश एम, मंडलायुक्त।