सहारनपुर। भले ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के दावे किया जा रहे हो, लेकिन हकीकत इसके उलट है। सर्दी में मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेले औपचारिक बन गए। अमर उजाला टीम ने रविवार को स्वास्थ्य मेलों की पड़ताल की तो उनकी हकीकत सामने आई। कहीं पर सन्नाटा पसरा मिला तो कहीं चिकित्सक व स्टाफ पार्क में अलाव तापते नजर आए। अफसरों की सख्ती के बाद भी डॉक्टरों की सर्दी दूर नहीं हो रही है।
अलाव तापते मिले चिकित्सक
गागलहेड़ी के हरौड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर दोपहर 12 बजे सभी चिकित्सकों के कक्ष खाली थे। पता करने पर जानकारी मिली कि स्टाफ पार्क में हैं। वहां जाकर देखा तो चिकित्सक और कर्मचारी अलाव ताप रहे थे। सीएचसी प्रभारी डॉ. शेखरनाथ अपने आवास पर मिले। उन्होंने बताया कि ठंड के कारण मरीज कम आ रहे हैं। मरीज आने पर उनका उपचार किया जाता है।
कम पहुंचे मरीज
गंगोह के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर नए भवन में मुख्यमंत्री आरोग्य मेले अन्य दिनों के मुकाबले रविवार को मरीज बहुत कम पहुंचे। सीएचसी प्रभारी डॉ. रोहित वालिया ने बताया कि सर्दी में मरीजों की संख्या कम है। सीएचसी में प्रसव की भी सुविधा है। वह खुद ही सीएचसी में रहते हैं।
दोपहर 12 बजे तक पांच मरीज पहुंचे
बेहट की सीएचसी पर 10 बजे आरोग्य मेला शुरू हुआ। दोपहर 12 बजे तक पांच मरीज एमरजेंसी के पहुंचे। इनमें दो कुत्ते काटने से जख्मी थे, जबकि तीन को मारपीट में गंभीर चोट लगी थी। इनका उपचार किया गया। डॉ. अनिल कुमार, डॉ. मोनिका चौहान, फार्मासिस्ट मदन सिंह, वार्ड बॉय विनोद गुप्ता और स्टाफ नर्स संध्या ड्यूटी पर थी।
बात करने में मिले मशगूल
छुटमलपुर की फतेहपुर सीएचसी पर सुबह 11 बजे पुरुष चिकित्साकर्मी परिसर में इमरजेंसी के सामने खड़े बात कर रहे थे। महिला कर्मी गायनी सर्जन डॉ. उर्मिला सिंह के साथ महिला चिकित्सालय में भर्ती प्रसव पीड़िताओं की देख रही थी। सीएचसी पर सुबह साढ़े 11 बजे तक आठ रोगी बुखार, खांसी आदि के पहुंचे थे। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. मुकेश कुमार ने बताया कि सर्दी ज्यादा है।
हर रविवार को सीएचसी-पीएचसी पर मुख्यमंत्री आरोग्य मेला लगता है। ढाई से तीन हजार मरीज आरोग्य मेले में चिकित्सकों को दिखाने के लिए पहुंचते हैं। इस समय सर्दी बढ़ रही है, इसलिए मरीजों की संख्या भी कम है। सभी चिकित्सकों को समय पर बैठने के निर्देश दिए गए हैं।
- डॉ. धर्मवीर सिंह, नोडल अधिकारी, मुख्यमंत्री आरोग्य मेले
बेहट सीएचसी में घायलों का उपचार करते स्वास्थ्यकर्मी। संवाद