प्रस्तावित लीड
-नगर निगम में जन सुनवाई बनी आश्वासन की मीठी गोली
- इस बार भी कुल 15 फरियादियों में से 11 को फिर मिला आश्वासन
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। नगर निगम में हर सप्ताह होने वाली जन सुनवाई फरियादियों के लिए आश्वासन की मीठी गोली बनकर रह गई। उन्हें आश्वासन पर आश्वासन तो खूब मिलता है, लेकिन समाधान कभी नहीं होता। मंगलवार को भी जन सुनवाई हुई, जिसमें 15 फरियादियों ने पहुंचकर समस्या के समाधान की गुहार लगाई। हैरानी की बात यह है कि कुल 15 फरियादियों में सात ऐसे थे, जिसमें कोई तीसरी बार, कोई चौथी और कोई सातवीं बार समस्या लेकर पहुंचा था। 15 शिकायतों में से केवल चार का समाधान हो सका, जबकि 11 को एक बार फिर आश्वासन की मीठी गोली देकर चलता कर दिया गया। जन सुनवाई से निराश होकर बाहर निकले ऐसे ही पीड़ितों से अमर उजाला ने बात की तो उनका दर्द पता चला।
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सातवीं बार भी मिला आश्वासन
विशाल जैन ने बताया कि दिल्ली रोड पर उनकी दुकान है। नगर निगम ने नाले का निर्माण करते हुए उनकी दुकान के सामने ऐसे ही छोड़ दिया है, जबकि पहले उन्होंने खुद के स्लैब रखे हुए थे। आरोप है कि स्लैब रखवाने की मांग लेकर वह सातवीं बार पहुंचे हैं, लेकिन पिछले छह बार की तरह फिर से आश्वासन दिया गया है कि अभियंता मौके पर आकर सर्वे करेगा।
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पार्षद पति को काटने पड़ रहे चक्कर
वार्ड 54 से पार्षद पति कलीम अहमद भी जन सुनवाई में पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि उनके वार्ड में एक सरकारी भूखंड है, जिस पर नगर निगम काॅम्प्लेक्स बनाने की तैयारी में है। वह तीसरी बार यह मांग लेकर पहुंचे हैं कि कॉम्प्लेक्स की जगह लड़कियों का स्कूल बना दिया जाए, लेकिन अधिकारियों से हर बार आश्वासन मिलता है समाधान नहीं।
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डेंगू फैल रहा है और निगम कर रहा अनदेखी
वार्ड छह के चिलकाना रोड निवासी सलीम पंवार ने बताया कि उनकी कॉलोनी के आसपास के प्लॉटों में कई महीने से भारी जलभराव है। मच्छर पैदा हो रहे हैं। अब डेंगू और मलेरिया का प्रकोप फैल रहा है। वह पांचवीं बार शिकायत लेकर पहुंचे हैं, लेकिन अधिकारियों ने केवल आश्वासन देकर पल्ला झाड़ लिया है। यदि बीमारियां फैलती हैं तो जिम्मेदार कौन होगा।
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आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिलता
वार्ड दो की आर्यन सिटी निवासी चौधरी सोमपाल सिंह ने बताया कि नगर निगम ने दो महीने पहले आरसीसी की सड़क बनवाई थी, जो जगह जगह से उधड़ गई है। फोन पर पांच बार शिकायत की। पोर्टल के जरिए लखनऊ भी शिकायत की, जिसमें बजट नहीं होेने की बात कहते हुए निस्तारण कर दिया गया, जबकि सड़क को दुरुस्त करके देने का काम ठेकेदार का है।
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सेवानिवृत्त सैनिक भी परेशान
आर्यन सिटी निवासी सेवानिवृत्त सैनिक विजयपाल सिंह ने बताया कि वह कॉलोनी में 30 साल से रह रहे हैं। सड़क के लिए चार बार लिखित में दे चुके हैं। पूर्व नगरायुक्त भी आश्वासन देते हुए चले गए। अब पांचवीं बार जन सुनवाई में पहुंचे हैं। अधिकारियों का कहना है कि अवर अभियंता को भेजकर सर्वे कराया जाएगा। जिसके बाद ही सड़क बन पाएगी।
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निर्माण संबंधी जो भी शिकायत या मांग आती है। उसमें समय लगने की वजह यह है कि सड़क, पुलिया या नाली का निर्माण तुरंत नहीं हो सकता, क्योंकि उसके लिए आगणक, टेंडर और अन्य प्रक्रिया अपनाई जाती है, जिसमें समय लगता है, लेकिन, शेष सफाई, पथ प्रकाश जैसी समस्याओं को तुरंत निस्तारित कर दिया जाता है।
- राजेश कुमार यादव, अपर नगरायुक्त