नकुड़। हथिनीकुंड बैराज से छोड़े गए पानी से यमुना नदी ने रौद्र रूप ले लिया है। यमुना का पानी उफन कर खादर क्षेत्र के जंगल में घुस गया है। वहीं यमुना नदी के तटवर्ती गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।
सोमवार को हथिनीकुंड से छोड़े गए पानी ने अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया है। यमुना नदी का पानी यमुना के तटवर्ती गांव रानीपुर, नसरुल्लागढ़, बाधी, फतेहपुर, टाबर, नाहरमाजरा, धुंधामाजरा, नारायणपुर, सहसपुर जट्ट आदि एक दर्जन से अधिक गांवों के जंगल में घुसना शुरू हो गया है। गांव नसरुल्लागढ़ के पूर्व प्रधान सतपाल सैनी, भाकियू नेता प्रदीप ठाकुर, रानीपुर के देवीसिंह, सहसपुर के संजीव प्रधान व बाधी के जोनी आदि ने बताया कि यमुना का पानी लगातार खेतों से आबादी की ओर बढ़ता जा रहा है। इससे यमुना खादर के एक दर्जन से अधिक गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।
उधर, इस संबंध में एसडीएम अजय कुमार अम्बष्ट ने बताया कि अभी तक खतरे वाली कोई बात नहीं है। तहसील प्रशासन लगातार पैनी नजर बनाये हुए है। हल्का लेखपालों से समय-समय पर रिपोर्ट ली जा रही है और ग्रामीणों को अलर्ट किया जा रहा है।