सहारनपुर। सहकारी समितियों में आदर्श आचार संहिता के बीच नियुक्तियों को लेकर बरती गई अनियमितताएं और लाखों के लेनदेन के वायरल हुए ऑडियो की गूंज लखनऊ तक जा पहुंची। मामला सूबे के मुख्यमंत्री के दरबार में भी पहुंचा तो वहां से भेजी गई टीम ने सहारनपुर आकर जांच की। जांच पूरी होने पर अब टीम लखनऊ लौट गई है और सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
जिले की 46 सहकारी समितियों में 90 नियुक्तियों को लेकर नियमों को ताक पर रखा गया और इस खेल में लाखों का लेनदेन हुआ। जिसका ऑडियो वायरल होने के बाद यह पूरा गड़बड़झाला पर्दे के पीछे से निकलकर सामने आ गया और इसकी गूंज लखनऊ तक जा पहुंची। इसमें जिले के तीन जन प्रतिनिधियों की मिलीभगत भी उजागर हुई। इस दौरान तत्कालीन एआर कोऑपरेटिव का तबादला कर दिया गया और नए एआर कोऑपरेटिव रवि शंकर की तैनाती हुई। पूरे प्रकरण को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी गंभीरता से लिया। साथ ही अंबेहटा पीर सहकारी समिति के सभापति ने भी डीएम को शिकायत की। उस पर भी जांच हुई।
लखनऊ से यहां पहुंची टीम में शामिल ज्वाईंट कमिश्नर संजीव कुमार राय, यूपीसीबी के जीएम आलोक कुमार गुप्ता व डीआर मुरादाबाद वीर विक्रम सिंह ने सहकारी समितियों की नियुक्ति प्रकरण पर अपनी जांच पूरी की और शुक्रवार को टीम लखनऊ रवाना हो गई। समिति अब अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेगी। एआर कोऑपरेटिव रवि शंकर ने बताया कि लखनऊ से जांच के लिए टीम यहां पहुंची थी और अपनी जांच पूरी कर वापस लौट गई है।
वहीं, तीन जन-प्रतिनिधियों के नाम भी इस पूरे प्रकरण में उजागर होने के चलते भाजपा के स्थानीय खेमे में भी खलबली मची है। एक और जहां कई की गर्दन फंसती साफ नजर आ रही है तो वहीं कई पर गाज गिरना भी लगभग तय है।