सहारनपुर। नकली नोटों की सप्लाई करने वाले गिरोह का मुख्य सरगना अभी पुलिस पकड़ से दूर है। उसकी गिरफ्तारी के लिए एक टीम को हरियाणा रवाना किया है। साथ ही शहर में नकली नोट चलाने वालों के नेटवर्क से जुड़े लोगों की भी पहचान की जा रही है। उनके खिलाफ साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
थाना कुतुबशेर पुलिस ने नकली नोटों के गिरोह का पर्दाफाश किया था, जो पंजाब से हरियाणा और यूपी के कई जिलों में नकली नोटों की सप्लाई करते थे। सौदागरों से 60 हजार रुपये के नकली नोट बरामद हुए थे। इसमें यमुनानगर के विजय और सहारनपुर के मुकेश को गिरफ्तार किया था। पकड़े गए विजय का भाई अजय गिरोह का मुख्य सरगना है। तीन महीने पहले खालसा पुत्र कृपाल सिंह निवासी गांव डाडवा को दो लाख रुपये लाकर दिए थे। इस मामले में एक टीम मुख्य सरगना अजय को पकड़ने के लिए हरियाणा भेजी गई है। साथ ही नकली नोट छापने वालों के ठिकाने पर भी पुलिस जल्द छापेमारी कर सकती है।
पुलिस का कहना है कि मुख्य आरोपी अजय कुमार पुत्र रमेश चंद है, जो पकड़े गए विजय का भाई है। उसकी तलाश के लिए दबिश दी जा रही है। साथ ही पुलिस की एक टीम जनता रोड पर पहुंची। जहां पर आरोपी प्रताप सिंह खलासा के रहने की सूचना मिली थी, लेकिन जब पुलिस पहुंची तो पता लगा कि खालसा काफी समय से यहां नहीं रह रहे हैं। पकड़े गए दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया है। उधर, एसपी सिटी अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि नकली नोट गिरोह के मुख्य सरगना की तलाश जारी है।