- उत्तर पुस्तिकाओं के संकलन तक के लिए नहीं है सुरक्षित हॉल आदि की व्यवस्था
- विश्वविद्यालय के साथ ही करीब 185 महाविद्यालयों को होगा केंद्र बनने से लाभ
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। मां शाकुंभरी विश्वविद्यालय में अत्याधुनिक मूल्यांकन केंद्र बनेगा, जिसके निर्माण का कार्य दूसरे चरण में शुरू होगा। उक्त केंद्र पर न केवल लिखित उत्तर पुस्तिकाओं का परीक्षकों द्वारा मूल्यांकन किया जाया करेगा। मूल्यांकन केंद्र इतना बड़ा होगा, कि उसमें विश्वविद्यालय से संबद्ध सभी महाविद्यालयों और निजी संस्थानों की उत्तर पुस्तिकाओं का संकलन किया जा सकेगा।
विश्वविद्यालय की स्थापन दो दिसंबर 2021 को हुई थी। तब से अनेक निर्माण कार्य विश्वविद्यालय में चल रहे हैं। हाल ही में विश्वविद्यालय प्रशासन ने विश्वविद्यालय परिसर में अत्याधुनिक मूल्यांकन केंद्र भी बनाने का निर्णय लिया है, जो संकलन केंद्र भी रहेगा। महाविद्यालयों की उत्तर पुस्तिकाओं का यहां संकलन कर मूल्यांकन कराया जा सकेगा। करीब 185 महाविद्यालय और संस्थान विश्वविद्यालय से संबद्ध हैं। चूंकि विश्वविद्यालय नया है, ऐसे में विश्वविद्यालय के पास अपना कोई मूल्यांकन या संकलन केंद्र नहीं है। इसलिए मूल्यांकन केंद्र की जरूरत महसूस की गई है। मूल्यांकन केंद्र की विशेषताओं की बात करें तो चूंकि यहां हजारों विद्यार्थियों की मेहनत यानी उत्तर पुस्तिकाएं रखी जाया करेंगी तो सबसे पहली खूबी इसकी सुरक्षा होगी, जिससे कोई उत्तर पुस्तिकाओं तक न पहुंच सके।
मूल्यांकन केंद्र के मुख्य द्वार के साथ ही चारों ओर और भीतर सीसीटीवी लगेंगे, जिससे किसी भी गतिविधि पर नजर रखी जा सके। यह पूरी तरह वातानुकूलित होगा। अग्निशमन की व्यवस्था रहेगी। साथ ही विद्युत की लाइन डालने में यह ध्यान रखा जाएगा कि कभी शॉर्ट सर्किट होने पर आग न लगे। उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए परीक्षकों के बैठने की अच्छी व्यवस्था होगी, जिसके लिए फर्नीचर रखा जाएगा।
- मूल्यांकन केंद्र में कंप्यूटर लैब भी होगी
चूंकि अनेक प्रकार की परीक्षाएं ओएमआर शीट आधारित होती हैं, जिनमें अभ्यर्थियों को ओएमआर शीट पर गोले भरकर उत्तर देना होता है। ओएमआर शीट का मूल्यांकन कंप्यूटर्स के द्वारा किया जाता है। ऐसे में मूल्यांकन केंद्र में एक कंप्यूटर लैब होगी, जिसमें ओएमआर शीट की जांच की जा सकेगी। साथ ही मूल्यांकन संबंधी पूरा रिकॉर्ड भी कंप्यूटर में दर्ज रहेगा।
- विश्वविद्यालय परिसर में अत्याधुनिक मूल्यांकन केंद्र बनाने का निर्णय लिया गया है। मूल्यांकन केंद्र में कंप्यूटर लैब होगी, जिनके माध्यम से ओएमआर शीट की जांच की जा सकेगी। प्रयास यही है कि विश्वविद्यालय परिसर में वह सभी सुविधाएं हों, जो एक आदर्श विश्वविद्यालय में होती हैं। - प्रो. एचएस सिंह, कुलपति, मां शाकुंभरी विश्वविद्यालय सहारनपुर