मलबे में दबने से पीड़ित परिवार का समस्त घरेलू सामान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। सूचना मिलने पर जड़ौदा पांडा चौकी प्रभारी शिवकुमार पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक ग्रामीणों ने मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाल लिया था। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर है। उनके पास एक ही मकान था। फिलहाल उनके रहने के लिए भी मुश्किल खड़ी हो गई है। ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार को मुआवजा दिए जाने की मांग की है।
भरभराकर गिरी घर की छत, तीन बच्चों सहित चार घायल
सहारनपुर में गंगोह के गांव बीराखेड़ी में बारिश के चलते एक घर की छत भरभरा कर नीचे गिर गई। मलबे में दबने से तीन बच्चे समेत चार घायल हो गए। बताया गया कि घर में रखा हजारों रुपये का सामान भी क्षतिग्रस्त हो गया है।
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बताया गया कि सोमवार दोपहर में श्यामो पुत्र सिंगरू अपने बच्चों 12 वर्षीय हिमांशु, आठ वर्षीय सन्नो और छह वर्षीय तनिक के साथ घर में बैठा हुआ था। उसकी पत्नी रूबी मायके गई हुई थी। तभी अचानक उसकी छत की कड़ियां गिरने लगीं। वह बच्चों को लेकर बाहर निकला। मगर तब तक उनके ऊपर कुछ मलबा गिर गया, जिससे वे घायल हो गए।
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वहीं, उनकी चीख-पुकार सुनकर आए ग्रामीणों ने उन्हें गांव में ही चिकित्सक के यहां ले जाकर उपचार कराया। ग्राम प्रधान चंद्रपाल सिंह ने इसकी सूचना तुरंत हल्का लेखपाल शिव कुमार शर्मा को देकर पीड़ित परिवार की सहायता की मांग की है।
दीवार गिरने से नीचे दबकर बच्ची की मौत, दो घायल
सहारनपुर के बिहारीगढ़ में थाना क्षेत्र के गांव इस्माइलपुर में बारिश के दौरान दीवार गिरने से सड़क से गुजर रही एक महिला और दो बच्चियां मलबे में दबकर घायल हो गईं। महिला को उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई, जबकि दोनों बच्चियों को गंभीर होने पर सहारनपुर भेजा गया। जहां चार साल की बच्ची को मृत घोषित कर दिया गया।
सोमवार की शाम पांच बजे रुक-रुक कर हो रही रिमझिम बारिश के दौरान गांव के राकेश के मकान की एक दीवार सड़क से जा रहीं मेमता पत्नी सुरेश, राखी (7) पुत्री प्रताप निवासी इस्माइलपुर और पीहू (4) पुत्री प्रदीप निवासी गदरहेड़ी थाना फतेहपुर मलबे के नीचे दब गईं। मौके पर पहुंचे लोगों ने दीवार के मलबे को हटा कर तीनों को बाहर निकाला और बिहारीगढ़ अस्पताल ले गए। जहां मेमता का उपचार करने के बाद उसे छुट्टी दे दी गई, जबकि राखी और पीहू को गंभीर होने के चलते सहारनपुर रेफर कर दिया गया। जहां पीहू को मृत घोषित कर दिया गया। उसकी मौत से परिजनों में कोहराम मच गया।
परिजनों ने बताया कि पीहू तीन दिन पहले अपने नाना पपेंद्र के यहां इस्माइलपुर गांव आई थी कि अकाल मौत का शिकार बन गई। घटना के वक्त वह बच्चों के साथ गली से गुजर रही थी। परिजन बिना किसी कानूनी कार्रवाई के शव को अपने साथ ले गए।