शहर में घंटाघर चौक पर सवारियां लेने के लिए जहां तक खड़े होने वाले टेंपो हटवाने के लिए शुक्रवार को पुलिस की टीमों ने करीब दो घंटे तक मशक्कत की।
पुलिस वालों ने चौक पर लगे बूथ के सामने और खादी भवन के पास जहां तक खड़े टेंपो को खदेड़ना शुरू किया तो संचालकों में हड़कंप मच गया।
पुलिस टीमों ने चेतावनी दी कि यदि टेंपो की अवैध पार्किंग से घंटाघर का ट्रैफिक बिगाड़ा गया तो उन्हें रेलवे रोड पर शिफ्ट करा दिया जाएगा। पुलिस की कार्रवाई और इस चेतावनी से संचालकों में हड़कंप मच गया।
टेंपो यूनियन के प्रधान फुरकान, वसीम, कल्लू सहित अन्य ने बताया कि घंटाघर और आसपास के क्षेत्रों से रोजाना 150 से 250 टेंपो संचालन होता है। संचालकों की ओर से तीन साल से वैकल्पिक अड्डे की व्यवस्था की मांग की जा रही है।
अड्डा दिलाने की बजाय पुलिस उन्हें भगाने में लगी है। टेंपो चालकों को कहा गया है कि वे घंटाघर की बजाय रेलवे रोड पर शिफ्ट हो जाएं लेकिन दिक्कत यह है कि घंटाघर से पीछे अंबाला रोड बस अड्डे के पास खड़े होते हैं तो वहां बस वाले खड़े नहीं होने देते।
रेलवे रोड जाते हैं तो वहां पर होटल वाले और अन्य लोग परेशान करते हैं। खुद उधर की पुलिस भी वहां से भगा देती है। टेंपो संचालकों ने कहा कि उसकी समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि अतिक्रमण और शिफ्ट न करने के नाम पर भी चार हजार रुपये तक का जुर्माना लगाने तक की चेतावनी दी जा रही है। इससे गरीब परिवारों की रोजी रोटी प्रभावित होगी। टेंपो संचालक विश्वास, अब्दुल, अख्तर आदि ने भी उत्पीड़न पर रोष जताया।