नकुड़ में सड़क पर जाम लगाते परिजन व ग्रामीण। संवाद
नकुड़। करीब डेढ़ माह पूर्व मारपीट में घायल हुए गांव टाबर निवासी एक व्यक्ति की उपचार के दौरान मृत्यु हो गई। परिजनों व ग्रामीणों ने शव को बस अड्डे पर रखकर जाम लगा दिया और पुलिस पर साठगांठ का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की। परिजन आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। पुलिस ने करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद परिजनों को उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर जाम खुलवाया।
मृतक के पिता बुच्चा सिंह ने बताया कि गत 21 अगस्त की शाम रात करीब आठ बजे उसका बेटा राजबीर (46) अपने घर बैठा हुआ था। इसी दौरान गांव का निवासी मोहित पुत्र मांगेराम अपने दो रिश्तेदारों के साथ पहुंचा और गाली-गलौज करते हुए तीनों ने राजबीर की पिटाई कर दी। जिसमें राजबीर की आंतें फट गई। वह उसे सीएचसी लेकर पहुंचे तो चिकित्सक ने गंभीर हालत के चलते हायर सेंटर रेफर कर दिया। आरोप लगाया कि उन्होंने इसकी नामजद रिपोर्ट दर्ज करायी थी, लेकिन पुलिस ने आरोपियों से साठगांठ कर हल्की धाराओं में चालान कर दिया।
पीड़ित पिता ने बताया कि सोमवार रात राजबीर की पीजीआई चंडीगढ़ में मृत्यु हो गई। जिसके बाद परिजन शव को लेकर नकुड़ बस अड्डे पर पहुंचे और शव को पेट्रोल पंप के पास तिराहे पर रखकर जाम लगा दिया। करीब आधा घंटा बाद पुलिस बल के साथ मौके पहुंचे कोतवाल धर्मेंद्र गौतम ने परिजनों व ग्रामीणों को समझाते हुए जाम खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन परिजन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद शव को हटाने की मांग करते रहे। बाद में कोतवाल के कड़ी कार्रवाई करने व दो दिन के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी के आश्वासन के बाद ही परिजनों ने शव को उठाया। इस दौरान करीब दो घंटे तक वाहनों की लंबी लाइन लगी रही।