सहारनपुर। 15 दिसंबर के बाद सर्दी का सितम बढ़ेगा। बदलते मौसम में सांस और दिल के मरीजों को सावधान रहने की जरूरत है। क्योंकि, इस मौसम में रक्त धमनियां सिकुड़ने लगती हैं, रक्तचाप बढ़ जाता जाता है। हार्ट अटैक का खतरा ज्यादा रहता है। यही नहीं बच्चे भी कोल्ड डायरिया की चपेट में आने लगे हैं। एक सप्ताह में न्यूनतम तापमान चार डिग्री तक गिर गया।
मौसम बदल रहा है। राजकीय मेडिकल कॉलेज, एसबीडी जिला अस्पताल और निजी अस्पतालों में सांस व दिल के रोगी आ रहे हैं। पिछले एक सप्ताह में न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस से गिरकर 10 डिग्री तक पहुंच गया है। मौसम विभाग के अधिकारियों का कहना है कि 15 दिसंबर के बाद से सर्दी जोर पकड़ेगी। ऐसे में साफ है कि सांस व दिल के मरीजों की दिक्कत कम नहीं होगी। इन मरीजों को सुबह चार बजे से दस बजे के बीच बाहर निकलने से बचना चाहिए। जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. अनिल कुमार वोहरा ने बताया कि दिल के मरीजों को धूप निकलने के बाद ही घूमने जाएं तो बेहतर है। खराब मौसम में घूमने न जाएं, अपनी दवाएं जरूर खाएं। सीने के बीच में दर्द हो तो ईसीजी जरूर कराएं। इसे सिर्फ गैस का दर्द न मानें।
हार्ट अटैक के लक्षण
- सीने में दर्द या ऐंठन होना
- हाथों, कंधों, जबड़ों आदि में दर्द होना या उल्टी आना
- थकान और कमजोरी महसूस होना
- पसीना, चक्कर आना, सांस फूलना और नींद न आना
ये बरतें सावधानी
- घर से बाहर निकलने पर सिर, कान, नाक, गला आदि अच्छे तरीके से ढक लें।
- चिकनाई वाले तैलीय या घी युक्त भोजन के सेवन से बचें।
- खुले में अलाव तापने से बचें, कमरे को हीटर या ब्लोअर आदि से गर्म रखें।
- रक्तचाप और मधुमेह की जांच कराएं, इसे नियंत्रित करने की नियमित दवा लें।
- खाली पेट न रहें, नशा करने से बचें।