सहारनपुर। विवाहिता तरन्नुम को जिंदा जला कर हत्या करने वाले जेल में बंद हैं। उन्हें हाईकोर्ट से भी जमानत नहीं मिली थी।
शामली के थानाभवन क्षेत्र के गांव मवासी निवासी तरन्नुम की शादी 2008 में सहारनपुर के मोहल्ला पत्थर वाला शिव धाम कॉलोनी खाता खेड़ी निवासी नसीम के बेटे नदीम के साथ हुई थी। उसका पति नदीम, सास साजो और ससुर नसीम कम दहेज लाने के लिए मारपीट किया करते थे। घटना से तीन वर्ष पूर्व ससुराल वालों ने मारपीट कर तरन्नुम को घर से निकाल दिया था। दो साल तरन्नुम अपने मायके में रही। ससुराल वालों से बातचीत के बाद मायके वालों ने तरन्नुम को उसकी ससुराल में भेज दिया था। दहेज में 80 हजार रुपये भी दिए। 15 अप्रैल 2018 की सुबह मायके वालों को फोन आया की तरन्नुम के ऊपर ससुराल वालों ने मिट्टी तेल छिड़ककर आग लगा दी है और उसकी अस्पताल ले जाते हुए मृत्यु हो गई। सहायक शासकीय अधिवक्ता राकेश सहल ने बताया की घटना की रिपोर्ट तरन्नुम के भाई खलील ने थाना मंडी में दर्ज कराते हुए पति नदीम, ससुर नसीम व सास साजो को आरोपी बनाया था। पुलिस ने विवेचना के बाद तीनों के खिलाफ धारा 302/4, 498अ व 3/ 4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम में आरोप पत्र दाखिल किया। मामले की सुनवाई के उपरांत साक्षी और गवाहों के आधार पर दोषी पाते हुए अपर सत्र न्यायाधीश अपर्णा पांडे ने सजा सुनाई है। एडीजीसी राकेश सहल ने बताया कि तीनों बीते चार से जेल में ही बंद हैं।