देवबंद। ईदगाह में स्थानीय उलमा से ईद की नमाज अदा कराए जाने (इमामत कराने) का मुद्दा तूल पकड़ता जा रहा है। सोशल मीडिया पर इसको लेकर बहस भी शुरू हो गई है। वहीं, ईदगाह वक्फ कमेटी के अध्यक्ष मौलाना सुफियान कासमी और ईद की नमाज की इमामत करने वाले प्रसिद्ध आलिम मुफ्ती अफ्फान मंसूरपुरी की बताई जा रही एक ऑडियो भी वायरल हो रही हैं। जिसको लेकर तरह तरह की बातें होने लगी हैं।
दो दिन पूर्व ईदगाह वक्फ कमेटी की बैठक का आयोजन हुआ था। जिसमें ईदगाह में ईद की नमाज अदा कराए जाने को लेकर सर्वसम्मति से प्रसिद्ध आलिम मौलाना मुफ्ती अफ्फान मंसूरपुरी के नाम पर मुहर लगी थी। इसी दौरान कुछ लोगों ने बैठक में एक ज्ञापन कमेटी को सौंपा था। जिसमें ईद की नमाज स्थानीय उलमा से कराने की मांग की गई थी। इसमें कुछ नामों का खुलासा भी किया गया था। अब यह मामला तूल पकड़ गया है। मंगलवार को मुफ्ती अफ्फान मंसूरपुरी की एक ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। जिसमें वह अपने नाम पर किसी भी प्रकार का विवाद होने का जिक्र करते हुए फैसले पर पुनर्विचार करने की बात कर रहे हैं। वहीं, बुधवार को कमेटी अध्यक्ष मौलाना सुफियान कासमी की बताई जा रही एक ऑडियो भी वायरल हो रही है। जिसमें वह कह रहे हैं कि इसको बिना वजह बहस और विवाद का कारण बनाया जा रहा है।