सहारनपुर। अपर खंड पूर्वी यमुना नहर सहारनपुर के अधिशासी अभियंता का कार्यालय अपने 124 वर्ष पुराने अधिशासी अभियंताओं का ब्योरा धरोहर के रूप में संजोए है। कार्यालय में बाकायदा 1900 और उसके बाद के अधिशासी अभियंताओं के नाम और कार्यकाल दर्ज हैं, साथ ही आजादी से पहले के कई अधिशासी अभियंताओं के फोटो भी फ्रेम कर लगाए गए हैं।
देहरादून रोड स्थित सिंचाई विभाग परिसर स्थित अधिशासी अभियंता के कार्यालय में दीवार पर लटका बोर्ड वर्ष 1900 से वर्ष 2024 तक 90 अधिशासी अभियंताओं की तैनाती की तस्दीक कर रहा है। हालांकि इसमें कई अधिकारी अलग-अलग समय में दो से तीन बार भी यहां अधिशासी अभियंता रहे हैं। 1900 से आजादी के वक्त तक यानी 1947 तक कुल 47 अधिशासी अभियंता रहे, जिनमें से 11 अधिशासी अभियंता भारतीय मूल के रहे, जिनमें दस हिंदू और एक मुस्लिम अधिकारी रहा। बाकी सभी 36 अधिशासी अभियंता अंग्रेज रहे। इनमें से अनेक अंग्रेज अधिशासी अभियंताओं की फोटो भी कार्यालय में फ्रेम के साथ लगी है।
आजादी से पहले कब कौन भारतीय रहा तैनात
वर्ष 1900 के बाद 1911 में पहली बार भारतीय मूल के एमजी सरदाना अधिशासी अभियंता बने थे। उनके बाद 1917 में सालीग्राम, 1934 में केबी अल्लाबख्श, 1935 में आरसी सहाय, 1937 में बीएस नाग, 1940 में पीसी अग्रवाल, 1942 जीएल शर्मा, 1945 में सूरजभान और 1946 में जेपी मित्तल, बीएस माथुर और जीके अग्रवाल थोड़े थोड़े समय के लिए रहे। आजादी के बाद सभी भारतीय यहां अधिशासी अभियंता रहे हैं।
विभाग ने आजादी से पहले तक के अधिशासी अभियंताओं का रिकॉर्ड निकलवाकर उनके कार्यकाल सहित नाम का बोर्ड तैयार कराया गया, साथ ही विभाग के पास आजादी से पहले तक के कई अधिकारियों के फोटो भी उपलब्ध थे, जिनको फ्रेम कराया गया है। यह हमारी धरोहर है और जब हम उनको देखते हैं तो मन में अलग ही भावना पैदा होती है।
- अभिमन्यु सिंह राय, अधिशासी अभियंता, पूर्वी यमुना नहर सहारनपुर