सहारनपुर। देहात कोतवाली के एक दरोगा की लापरवाही की वजह से बेगुनाह व्यक्ति को एक दिन जेल में रहना पड़ गया। दरोगा ने बिना जांच किए ही जिस व्यक्ति को जेल भेजा, उसका नाम आरोपी के नाम से मिलता है और पता भी एक ही था, लेकिन जांच के बिना ही बेगुनाह पर कार्रवाई कर दी गई। मामला न्यायालय के समक्ष आने पर लापरवाही खुलासा हुआ और पीड़ित को जमानत मिली। एसएसपी ने मामले की जांच शुरू करा दी है।
देहात कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला चौधरी विहार निवासी इकराम पुत्र मेहंदी ने एक फाइनेंस कंपनी से वर्ष 2015 में 1.50 लाख रुपये का ऋण लिया था। ऋण न देने पर कंपनी ने इकराम पुत्र मेहंदी के खिलाफ देहात कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मामले की जांच कर रहे उप निरीक्षक ने इकराम चौधरी पुत्र मेहंदी हसन निवासी कृष्णा इनक्लेव को सात अगस्त को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इकराम चौधरी ने दरोगा से कहा कि पुलिस जिसकी तलाश कर रही है, वो वह नहीं है, जो आरोपी है, उसका नाम सिर्फ इकराम है, जबकि वह इकराम चौधरी है। उसने कोई ऋण नहीं लिया है। वह भी पहले चौधरी विहार में रहता था। आरोप है कि दरोगा ने इकराम चौधरी की एक न सुनी और उस पर कार्रवाई कर दी। इकराम चौधरी कहना है कि वह भी पहले चौधरी विहार में रहता था, लेकिन 2016 से कृष्णा इन्क्लेव में रह रहा है। दरोगा ने बिना जांच के कार्रवाई की, जबकि आरोपी इकराम खुलेआम घूम रहा है। इकराम चौधरी का कहना है कि उसने न्यायालय में अपने सभी दस्तावेज प्रस्तुत किए, जिसके बाद उसे जमानत मिल गई। न्यायालय ने एसएसपी को मामले की जांच कराए जाने के आदेश दिए हैं। एसएसपी डॉ. विपिन ताडा का कहना है कि मामले की जांच कराई जा रही है। जांच में उपनिरीक्षक की लापरवाही मिली तो कार्रवाई की जाएगी।