सहारनपुर। हेल्थ डैशबोर्ड रैंकिंग में जिला पिछड़ गया है। प्रदेश में 14वीं रैंक से गिरकर जिला 32वीं रैंक पर पहुंच गया है। अगस्त महीने की रैंकिंग में जिले को 0.64 प्रतिशत स्कोर मिला है। इसमें सबसे खराब प्रदर्शन शहर का रहा है, जबकि नकुड़ सीएचसी सबसे आगे रही।
स्वास्थ्य विभाग में गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच, संस्थागत प्रसव आदि की रिपोर्ट एचएमआईएस पोर्टल पर हर महीने अपलोड करनी होती है। इस बार शहर, साढ़ौली कदीम और पुवांरका की प्रगति बेहद खराब है, जबकि नकुड़, नागल और गंगोह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का अच्छा प्रदर्शन रहा। जुलाई में जिले की रैंकिंग 14वीं थी, जो अगस्त में बेहद ही खराब रही। इस माह में जिले की 32वीं रैंक आई है। इससे साफ है कि लोगों को स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ नहीं दिया जा रहा है। संस्थागत प्रसव में 65.83, सीएचसी में ऑपरेशन से डिलीवरी 19.79 और महिला अस्पताल अस्पताल व मेडिकल कॉलेज में ऑपरेशन से डिलीवरी में 50.38 प्रतिशत स्काेर मिला है।
मंडल दूसरे से पहुंचे सातवें नंबर पर
हेल्ड डैशबोर्ड में सहारनपुर मंडल दूसरे से सातवें स्थान पर पहुंच गया है। जुलाई में मंडल की दूसरी रैंक थी, जबकि अगस्त में सातवीं रैंक आई है। मंडल में सबसे खराब स्थिति शामली जिले की रही। जिसकी अगस्त में 52वीं रैंक आई है। मुजफ्फरनगर ने प्रदेश में 11वां स्थान प्राप्त किया। जुलाई में मुजफ्फरनगर प्रदेश में तीसरे स्थान पर था। शामली की 39वीं रैंक आई थी।
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अगस्त माह की हेल्थ डैशबोर्ड रैंकिंग जारी हुई है, जिसमें जिले की 32वीं रैंक आई है। हम किन संकेतांकों में पीछे रहे, इसकी समीक्षा होगी। सुधार लाने के निर्देश दिए गए हैं।
- डॉ. प्रवीण कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी