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Saharanpur News: नागरिकों को दे रहा सीख, खुद अमल नहीं कर रहा निगम

Sun, 03 Dec 2023 12:33 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
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सहारनपुर। नगर निगम नागरिकों को कचरा प्रबंधन, खुले में कचरा नहीं डालने, घरेलू कचरे को सूखा और गीला अलग-अलग कर देने तथा गीले कचरे से खाद बनाकर किचन गार्डन या गमलों में इस्तेमाल करने की सीख देता रहा है, लेकिन खुद अमल नहीं कर रहा है। पांच साल से डंपिंग ग्रांड के लिए जमीन खरीदी हुई है, जिस पर निर्माण का कार्य भी करीब छह महीने पहले पूर्ण कर लिया गया है, लेकिन मशीनें अभी तक नहीं खरीदी गई हैं। ऐसे में निगम कचरे को शहर के बाहर खेतों में बिना किसी वैज्ञानिक विधि के दफना रहा है।
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नगर निगम बने करीब 13 वर्ष से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन नगर निगम अभी तक कचरा प्रबंधन की ठोस व्यवस्था नहीं कर सका है। नगर निगम का एक बोर्ड भी पांच साल पूरे कर चुका है, लेकिन कचरा प्रबंधन की दिशा में उठाए गए कदम मंजिल तक नहीं पहुंच सके हैं। हालांकि पांच वर्ष पहले बेहट रोड स्थित महेश्वरी खुर्द में बिजोपुरा मार्ग पर जमीन खरीदी गई थी, जिस पर सिविल से जुड़ा कार्य छह महीने पहले पूर्ण हो चुका है, लेकिन मशीनें नगर निगम को खरीदनी हैं, जो अभी तक नहीं खरीदी गई हैं।
महानगर से प्रतिदिन करीब 130 मिट्रिक टन कचरा निकलता है, जिसको नगर निगम इधर उधर खेतों में बिना वैज्ञानिक विधि के दफन कर रहा है। दो महीने पहले शहर से सटे गांव शकलापुरी में प्राचीन शिव मंदिर के सामने एक खेत में हजारों टन कचरा मिट्टी में दबाया गया। तीन साल पहले गांव सराय में ढमोला नदी के तट पर हजारों टन कचरा एक खेत को पाटने के लिए दबाया गया। कचरा प्रबंधन के नाम पर सात एमआरएफ सेंटर चल रहे हैं।
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दिखाया था कचरे से बिजली बनाने के सपना
नगर निगम नागरिकों को कचरे से बिजली बनाने का सपना भी दिखा चुका है। 24 सितंबर 2019 नगर निगम में साउथ कोरिया की कंपनी के अधिकारी पहुंचे थे, जिन्होंने तत्कालीन महापौर संजीव वालिया से मुलाकात की थी। उस दौरान कंपनी के साथ समझौता हो जाने की बात निगम अधिकारियों ने कही थी। बताया गया था कि साउथ कोरिया की कंपनी नगर निगम द्वारा तैयार किए जा रहे डंपिंग ग्राउंड पर कचरे से बिजली बनाएगी, लेकिन आज तक यह केवल सपना ही है।
यदि नगर निगम खुद कचरे का निस्तारण करता तो उसमें वार्षिक खर्च सात से आठ करोड़ रुपये बैठ रहा था। ऐसे में कचरे के निस्तारण की जिम्मेदारी बीपीसीएल को दी गई है। नगर निगम केवल जगह मुहैया कराएगा। बाकी कचरे से गैस या जो भी बनाने का काम है वह बीपीसीएल करेगा। बहुत जल्द बीपीसीएल कार्य शुरू करने वाली है। - राजेश यादव, अपर नगरायुक्त
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