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हंगामे की भेंट चढ़ी निगम की बोर्ड बैठक

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जनमंच में नगर निगम की बोर्ड की बैठक में हंगामे के दौरान उलझते पार्षद, महापौर व अधिकारी। - फोटो : SAHARANPUR
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सहारनपुर। नगर निगम की बोर्ड बैठक में सदन प्रभारी और पार्षदों के बीच जमकर हंगामा हुआ। हालत यह हो गई कि सदस्य गाली गलौज तक पर उतर आए। जिससे बैठक को स्थगित करना पड़ा। अब बैठक 16 या 17 अक्तूबर को पुन: बुलाई जाएगी।
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नगर निगम ने बोर्ड की आपात बैठक बुलाई थी, जिसके लिए सुबह नौ बजे का समय रखा गया था। सुबह नौ बजे महापौर संजीव वालिया, नगरायुक्त गजल भारद्वाज, सदन प्रभारी और तमाम अधिकारी व ज्यादातर पार्षद जनमंच प्रेक्षागृह पहुंच चुके थे। बैठक अपने निर्धारित समय पर शुरू हुई। पार्षद आशुतोष सहगल ने आपत्तियां रखीं, अभिषेक उर्फ टिंकू अरोड़ा, मंसूर बदर आदि ने अपनी कुछ बिंदुओं पर आपत्ति जताई। पार्षदों की आपत्ति के बाद ही सदन प्रभारी दिनेश यादव ने जवाब दिया। जवाब देने के बाद उन्होंने फाइल को महापौर के सामने मेज पर रख दिया। इसी दौरान नरेश रावत सहित कई पार्षदों ने सदन प्रभारी पर महापौर की मेज पर फाइल फेंकने का आरोप लगाते हुए विरोध जताया। इस पर सदन प्रभारी ने कुछ प्रतिक्रिया दी, जिसके बाद पार्षद सामने की कुर्सियां छोड़ गाली-गलौज करते हुए मंच पर जा चढ़े। पार्षदों का आरोप था कि सदन प्रभारी दिनेश यादव ने प्रतिक्रिया में गाली दी है। इस पर पार्षदों का गुस्सा फूट पड़ा। वह भी सदन प्रभारी को गालियां देने पर उतर आए। करीब 20 मिनट तक हंगामा होता रहा। पूरे घटनाक्रम में महापौर संजीव वालिया बीच बचाव करते नजर आए। उन्होंने एक ओर जहां सदन प्रभारी के प्रति सख्ती दिखाई, वहीं गाली गलौज कर रहे पार्षदों को भी डांटा। मामला इतना बढ़ गया था, जिसके बाद बैठक को जारी रखना संभव नहीं था। ऐसे में महापौर ने बैठक को स्थगित करने की घोषणा कर दी। जिसके बाद सभी पार्षद और अधिकारी लौट गए। बैठक में उप सभापति कंचन धवन, पुनीत चौहान, चौधरी शहजाद, गुलशेर, प्रदीप उपाध्याय, कार्तिक चौहान सहित अनेक पार्षद, अपर नगरायुक्त राजेश यादव, अपर नगरायुक्त एसके तिवारी, सहायक नगरायुक्त अशोक प्रिय गौतम सहित सभी अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक छोड़ निकल गईं नगरायुक्त
नगर आयुक्त गजल भारद्वाज को सुबह 10 बजे ही जनपद से बाहर जाने के लिए निकलना था, इसके बावजूद वह बैठक में पहुंचीं। उनके सामने ही जब गाली-गलौज शुरू हुई तो वह वहां से चुपचाप निकल गईं।
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सदन प्रभारी का रवैया ठीक नहीं था : रावत
सदन प्रभारी दिनेश यादव की प्रतिक्रिया पर हंगामा करने पहले पार्षद नरेश रावत रहे। उन्होंने बताया कि पार्षदों के सवालों के जवाब देने के दौरान भी सदन प्रभारी का रवैया ठीक नहंीं था। इसके बाद सदन प्रभारी फाइल को महापौर के सामने मेज पर पटककर बैठ गए। उसका विरोध किया गया तो उन्होंने कुछ ऐसा बोला, जिसमें सभी पार्षदों को लगा कि वह गाली दे रहे हैं, जिसके बाद हंगामा हुआ।
गाली देना मेरी आदत में नहीं : सदन प्रभारी
सदन प्रभारी दिनेश यादव का कहना है कि गाली देना मेरी आदत में नहीं है। यदि मैंने गाली दी थी तो सबसे पहले मेरे नजदीक बैठे महापौर, नगर आयुक्त और अधिकारियों को सुननी चाहिए थी, लेकिन 30 फीट दूर बैठे पार्षदों ने सुन ली जो समझ से परे है। उनका कहना है हंगामा कुछ पार्षदों की सोची समझी साजिश के तहत हुआ है।
बोर्ड की बैठक में शनिवार को जो भी हुआ वह दुर्भाग्यपूर्ण है। ऐसा नहीं होना चाहिए था। सदन प्रभारी, निगम अधिकारी और पार्षद सभी एक परिवार का हिस्सा हैं। उनके बीच यदि कुछ विवाद है तो वह बैठकर दूर कर लेना चाहिए। भविष्य में ऐसा न हो इसका सभी को ध्यान रखना होगा।
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- संजीव वालिया, महापौर

जनमंच में नगर निगम की बोर्ड की बैठक में हंगामे के दौरान उलझते पार्षद, महापौर व अधिकारी।- फोटो : SAHARANPUR

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