सहारनपुर। मेला गुघाल के सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में शनिवार की रात जनमंच सभागार में देवभूमि सांस्कृतिक गीत संध्या कार्यक्रम का आयोजन हुआ। उत्तराखंड से आए कलाकारों ने उत्तराखंड के लोक गीतों, लोक नृत्य आदि की शानदार प्रस्तुतियां दी। लोक गीतों पर दर्शक देर रात तक झूमते रहे।
कार्यक्रम का उद्घाटन उत्तराखण्ड के राज्य मंत्री कैलाश पंत, महापौर डॉ. अजय कुमार, विधायक राजीव गुंबर, पूर्व महापौर संजीव वालिया, हेमंत अरोड़ा, राहुल शर्मा, मेला चेयरमैन मनोज प्रजापति और पार्षद सुधीर पंवार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। दीप स्वतंत्रता संग्राम सेनानी व पेशावर कांड के नायक वीर चंद्रसिंह गढ़वाली, स्वतंत्रता सेनानी श्रीदेव सुमन तथा देश के पहले सीडीएस जनरल विपिन रावत के चित्रों के समक्ष किया गया। मुख्य अतिथि कैलाश पंत ने कहा कि उत्तराखण्ड की प्रत्येक घाटी में अलग संस्कृति और प्रत्येक चोटी पर अलग बोली मिलती है। उन्होंने कहा कि कुमाऊंनी, जौनसारी सहित उत्तराखण्ड की विभिन्न संस्कृतियों की तरह गोगावीर से जुड़ी संस्कृति भी लोगों को प्रभावित करती है।
उत्तराखंड के लोक गायक नरेंद्र सिंह नेगी व उनके साथ आए कलाकारों ने एक से बढ़कर एक गढ़वाली गीतों से समां बांधे रखा। नेगी ने उत्तराखंड के पर्यावरण-जल, जंगल, जमीन के महत्व को व्यक्त करते हुए अपने गीतों में गाया। गढवाल सभा के प्रधान चिरंजी लाल देवरानी, महामंत्री राजनीतिन सिंह रावत, बृजराज सिंह रावत, पूर्व पार्षद नरेश रावत, महानगर उपाध्यक्ष भाजपा संदीप रावत, सुरेंद्र जुयाल, आचार्य योगेश गौनियाल, भूपेंद्र रावत आदि मौजूद रहे।