संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। दिल्ली समेत एनसीआर के जनपदों में वायु प्रदूषण खराब स्थिति में पहुंच गया है। पड़ोसी जनपद मुजफ्फरनगर में शनिवार को एक्यूआई 332 पर रहा। इसका असर हवा के साथ सहारनपुर में भी देखने को मिल रहा है, जहां शनिवार को एक्यूआई 250 रहा। बिगड़ती जा रही वायु को देखते हुए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों को नोटिस जारी कर दिए गए हैं।
दीपावली से पहले जनपद में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 100 से 130 के बीच चल रहा था, लेकिन दीपावली के दो दिन बाद अचानक से एक्यूआई 150 से 200 के बीच पहुंच गया। इन दिनों दिल्ली सहित एनसीआर के ज्यादातर शहरों में एक्यूआई 300 से अधिक बना हुआ है। सहारनपुर में भी हवा चलने के बावजूद वायु प्रदूषण 250 तक पहुंच गया है, जबकि हवा में वायु प्रदूषण छट जाता है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हो रहा है। माना जा रहा है कि पराली आदि जलाने की वजह से भी हवा खराब हो रही है। मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय ने ईंट भट्टा एसोसिएशन को नोटिस जारी करते हुए प्रदूषण फैलाने वाले भट्ठों को फिलहाल बंद कर देने को कहा है। इसी प्रकार वायु प्रदूषण फैलाने वाले बड़े उद्योगों को भी नोटिस जारी किए गए हैं, जिनकी संख्या करीब 30 है। साथ ही अगली नजर शादियों में होने वाली आतिशबाजी पर रहेगी। क्योंकि दिल्ली रोड और अंबाला रोड पर एक -एक दिन में पांच से दस के बीच शादियां होती हैं, जिनमें खूब आतिशबाजी होती है।
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नगर निगम भी जिम्मेदार
वायु प्रदूषण के लिए नगर निगम भी जिम्मेदार है। दरअसल, नगर निगम के सफाईकर्मी जगह-जगह कचरे में आग लगा रहे हैं। हाल ही में भूतेश्वर मंदिर क्षेत्र में एक सफाईकर्मी ने कारखाने से निकलने वाले प्लास्टिक कचरे को आग के हवाले कर दिया, जिससे कॉलोनी के ऊपर धुएं के काले बादल छा गए। इसकी शिकायत भी निगम अधिकारियों से की गई। इसके अलावा कुटिया के मंदिर के पीछे भी कचरे को आग लगाकर खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि कचरा जलाने पर एनजीटी का प्रतिबंध है।
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पड़ोसी जिलों में वायु प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है, सहारनपुर जनपद में ऐसी स्थिति नहीं है। फिर भी हमने ईंट भट्टा एसोसिएशन और वायु प्रदूषण फैलाने वाले बड़े उद्योगों को नोटिस जारी किया है। जिससे वायु प्रदूषण को नियंत्रित या फिर कम किया जा सके। रही बात नगर निगम के कर्मियों द्वारा कचरा जलाने की तो इस संबंध में संबंधित अधिकारी को भी पत्र लिखा जाएगा।
- डॉ. डीसी पांडेय, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड।