सहारनपुर। सीबीएसई (केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड) ने दसवीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में विद्यार्थियों को कोई श्रेणी या डिस्टिंक्शन नहीं देने का निर्णय लिया है। सीबीएसई के प्रमुख स्कूलों के प्रधानाचार्यों ने सीबीएसई के निर्णय को सही बताते हुए इसका स्वागत किया है। उनका कहना है कि इससे विद्यार्थियों के बीच प्रतिस्पर्धा पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
सीबीएसई के जिला समन्वयक एवं चंद्रनगर स्थित आशा मॉडर्न स्कूल के प्रधानाचार्य डॉ. दिव्य जैन ने कहा कि नई शिक्षा नीति भी इस तरह के बदलावों का समर्थन करती है। बोर्ड का फैसला सराहनीय और स्वागत योग्य है। इससे विद्यार्थियों के मन से टॉपर बनने का प्रेशर कम होगा, लेकिन इससे स्पर्धा पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने बताया कि मार्कशीट में श्रेणी या डिस्टिंक्शन नहीं दर्ज होगी, लेकिन विद्यार्थी अपने स्तर का आकलन कर सकेंगे।
जब विद्यार्थी महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में प्रवेश लेने जाएगा तो उसके वही विषय देखे जाएंगे, जिनमें वह पढ़ाई चाहता है। उधर, डीएवी पब्लिक स्कूल रसूलपुर के प्रधानाचार्य जगदीश सिंह ने भी इसे सीबीएसई का अच्छा कदम बताया है। उनका कहना है कि छह विषयों में से पांच विषयों के अंक जुड़ते हैं। जो भी टॉप पांच विषय होंगे, जिनमें विद्यार्थी के अच्छे अंक होंगे उनके आधार पर विद्यार्थी के स्तर का पता लगाया जा सकेगा।