सहारनपुर। बेसिक शिक्षा को आधुनिक बनाने के लिए सरकार द्वारा मुहैया कराए गए टैबलेट का विरोध चल रहा है, जिसकी वजह से टैबलेट का प्रशिक्षण भी प्रभावित है। विरोध की वजह टैबलेट से शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज होना है। शिक्षकों ने दो टूट कहा है कि उन्हें ऑनलाइन उपस्थिति मंजूर नहीं है। यही वजह है कि वह टैबलेट के प्रशिक्षण से साफ इन्कार कर चुके हैं।
जनपद में 1,254 परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के 2,418 शिक्षकों को टैबलेट दिए गए हैं। टैबलेट देने का मकसद शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाना है। इससे एक ओर जहां विद्यार्थियों को पढ़ाने में मदद मिलेगी। वहीं यह शिक्षकों और विद्यार्थियों की उपस्थिति दर्ज करने, विभाग के साथ अनेक सूचनाओं के आदान प्रदान में भी सहयोगी साबित होगा। इसके अलावा बीआरसी पर होने वाले अनेक प्रशिक्षण भी टैबलेट के माध्यम से ऑनलाइन हो सकेंगे। इन सब कार्यों को टैबलेट पर कैसे करना है और टैबलेट का संचालन कैसे होगा। इसी के लिए संबंधित शिक्षकों का प्रशिक्षण होना है, जिसका शिक्षक विरोध कर रहे हैं।
विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष राजकुमार चौधरी का कहना है कि टैबलेट तो उपलब्ध करा दिए गए हैं, लेकिन उसकी सिम और अन्य चीजें नहीं मिली हैं। अधिकारियों का कहना है कि कंपोजिट ग्रांट से व्यवस्था करें। इसके अलावा ज्यादातर शिक्षकों के स्कूल 30 से 40 किलोमीटर दूर हैं, साथ ही वह बीएलओ जैसे अनेक महत्वपूर्ण कार्यों से भी जुड़े हैं। ऐसी स्थिति में पूरे ठीक समय पर विद्यालय पहुंचकर ऑनलाइन उपस्थिति लगाना संभव नहीं है। यह शिक्षकों का उत्पीड़न है। पहले विभाग समस्याएं दूर करे तब प्रशिक्षण होगा। अन्यथा कोई शिक्षक प्रशिक्षण में हिस्सा नहीं लेगा।