सहारनपुर। शासन ने एक साल में टीबी मरीजों को ढूंढने का लक्ष्य तय कर दिया है। पिछले साल के मुकाबले इस वर्ष जिला क्षय रोग विभाग को 19 टीबी मरीज अधिक तलाशने होंगे। लक्ष्य मिलते ही विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। दो महीने में करीब 1600 टीबी मरीजों को तलाश लिया है।
जिले को 2025 तक टीबी मुक्त करने का लक्ष्य है। शासन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने 46 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त करने के लिए जांच कराई गई थी। गठित टीम की सत्यापन रिपोर्ट में 35 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त की घोषणा की गई थी। अब इन ग्राम पंचायतों को टीबी दिवस पर सम्मानित किया जाएगा। वहीं, शासन से टीबी मरीजों को इस साल ढूंढने का लक्ष्य भी जिला क्षय रोग विभाग को दे दिया गया है।
13,850 टीबी मरीजों को तलाशना होगा। इनमें से 5300 मरीजों को प्राइवेट अस्पताल और 8550 मरीज गांव-गांव जाकर स्वास्थ्य टीमों को ढूंढना है। इनमें से जनवरी व फरवरी में करीब 1600 मरीज तलाश लिए हैं और इनका जिला क्षय रोग विभाग ने इलाज भी शुरू कर दिया। विभाग को 10 महीने 12 हजार टीबी मरीजों को खोजना चुनौती रहेगा।
पिछले साल ढूंढे थे 12,500 टीबी मरीज
जिला क्षय रोग विभाग को साल 2023 में 13,831 टीबी मरीजों को ढूंढने का लक्ष्य मिला था। इनमें से विभाग 12,500 मरीजों को ही खोज पाया। इसके लिए कई बार अभियान चलाए गए थे। इस समय जिले में टीबी के करीब सात हजार मरीज सक्रिय हैं।
शासन से इस साल टीबी मरीजों को ढूंढने का लक्ष्य 13,850 मिला है। यह लक्ष्य पिछले साल के मुकाबले अधिक दिया गया है। इसके लिए टीम सक्रिय कर दी है। दो महीने में करीब 1600 मरीज तलाश लिए हैं।
- डॉ. सर्वेश कुमार सिंह, जिला क्षय रोग अधिकारी