सहारनपुर। एसबीडी जिला अस्पताल में पहुंच रहे मरीजों में मलेरिया जैसे लक्षण हैं, मगर जांच में मलेरिया नहीं आ रहा है। जून और जुलाई माह में 624 मरीजों में मलेरिया की जांच की गई है, जिनमें से एक में भी मलेरिया की पुष्टि नहीं हुई है। इसे लेकर एक ओर जहां डॉक्टर हैरान हैं, वहीं दूसरी ओर मच्छर जनित रोगों पर नियंत्रण में जुटे चिकित्साधिकारियों के लिए राहत की बात है।
जिला अस्पताल में फिजीशियन की ओपीडी में जून माह में 374 रोगी ऐसे पहुंचे, जिनमें मलेरिया जैसे लक्षण थे। डॉक्टर ने उनकी जिला अस्पताल की पैथोलॉजी में मलेरिया की जांच कराई। मगर एक भी मरीज में मलेरिया नहीं आया। जुलाई में भी अभी तक करीब 250 मरीजों में मलेरिया जैसे लक्षण रहे हैं, लेकिन जांच में इनमें भी किसी व्यक्ति में मलेरिया की पुष्टि नहीं हुई।
डेंगू की अभी कोई जांच नहीं
जिला अस्पताल की पैथोलॉजी लैब में अभी तक डेंगू की जांच नहीं की गई है। चिकित्सकों का का कहना है कि अभी तक डेंगू के लक्षण जैसा कोई मरीज नहीं आया है, जिसकी वजह से डेंगू की जांच कराने की जरूरत नहीं समझी गई है।
लैब में दो हजार जांच किट
जिला अस्पताल की पैथोलॉजी लैब में फिलहाल मलेरिया और डेंगू की जांच के लिए एक-एक हजार किट दी गई हैं। लैब स्टाफ ने बताया कि अभी पर्याप्त मात्रा में किट उपलब्ध हैं। जब जरूरत पड़ेगी तो और मंगाई जाएंगी।
यह मानी जा रही वजह
दो वर्ष पहले डेंगू और मलेरिया ने जनपद में जमकर कहर बरपाया था। सैकड़ों मौतें जनपद में हुई थीं, मगर चिकित्सा विभाग ने नहीं मानी थी। लेकिन बीते वर्ष से डेंगू और मलेरिया पर नियंत्रण में है। इसकी प्रमुख वजह कोरोना के चलते अपनाई जा रही विशेष साफ-सफाई तथा सैनिटाइजेशन को माना जा रहा है। इस बार भी शहर में बडे पैमाने पर सैनिटाइजेशन और सफाई पर ध्यान दिया गया है।
वर्जन
डेंगू और मलेरिया पर नियंत्रण के लिए संचारी रोग नियंत्रण माह चलाया गया है। टीमें घर-घर जाकर लोगों को मच्छर जनित रोगों से बचने के टिप्स दे रही हैं। एंटी लार्वा का छिड़काव कराया गया है। फॉगिंग भी कराई जा रही है। अच्छा काम हो रहा है, जिसका नतीजा यह है कि मलेरिया और डेंगू नियंत्रण में है।-शिवांका गौड़, जिला मलेरिया अधिकारी।