बेहट। बाबा भूरादेव मंदिर से माता शाकंभरी मंदिर तक एलिवेटेड पुल एवं एप्रोच रोड निर्माण के लिए बृहस्पतिवार को दूसरे दिन भी सर्वे किया गया। राज्य सेतु निगम एवं वन विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से नापतौल की। इसके बाद आरक्षित वन क्षेत्र एवं मंदिर की भूमि को चिह्नित किया जाएगा।
गौरतलब है कि बुधवार को राज्य सेतु निगम की टीम ने सहायक अभियंता तेज प्रताप गुप्ता की अगुवाई में सर्वे शुरू किया था। भूरा देव मंदिर से माता शाकंभरी मंदिर तक दो एलिवेटेड पुलों तथा उनकी तीन एप्रोच रोड का सर्वे हुआ था। इस बीच आरक्षित वन क्षेत्र की भूमि भी आ रही है। जिस पर कहीं-कहीं पेड़ भी हैं। सहायक अभियंता ने बताया के भूरा देव मंदिर से माता शाकंभरी मंदिर तक वन विभाग के अधिकारियों के साथ नापतौल की गई जिसमें वन विभाग के अधिकारियों को बताया कि पुल एवं एप्रोच रोड कहां-कहां बनेगी।
इसमें वन विभाग की कितनी भूमि का उपयोग होगा। उन्होंने बताया कि अभी यह सब टीम को बता दिया गया है। अब वन अधिकारी इस आरक्षित वन क्षेत्र तथा उस पर कितने पेड़ निर्माण के बीच में आ रहे हैं यह गिनती कर उन्हें बताएंगे। इस कार्य में अगले दो-तीन दिन लग सकते हैं। इसके बाद ही सेतु निगम आगे की प्रक्रिया शुरू करेगा। विभाग की टीम में एसडीओ व शाकंभरी वन क्षेत्र अधिकारी भी शामिल रहे।