संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। किसानों की आर्थिक परेशानियों को दूर करने के लिए गन्ना विकास समितियों में एक करोड़ रुपये तक का गन्ना निवेश कोष बनाया जाएगा। इसका लाभ लघु एवं सीमांत किसानों को अधिक होगा।
उप गन्ना आयुक्त ओपी सिंह ने बताया कि गन्ने की खेती करने वाले किसान गन्ने की फसल के लिए उर्वरकों और कीटनाशकों से लेकर यंत्र तक गन्ना विकास समितियों से खरीदते हैं। इस पर किसानों को कम ब्याज देना पड़ता है। किसानों की आर्थिक मुश्किल को दूर करने के लिए गन्ना विकास समितियों में गन्ना निवेश कोष स्थापित किया जाएगा।
इस कोष के माध्यम से नाबार्ड ऋण की तरह कृषि निवेश पर किसानों को 10.70 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर पर किसानों को ऋण दिया जाएगा, साथ ही समय पर ऋण जमा करने वाले किसानों को 3.70 प्रतिशत की छूट भी दी जाएगी। जिससे किसान अपनी गन्ने की फसल में पूरी लागत को लगाकर अच्छा उत्पादन ले सके। गन्ना निवेश कोष का सबसे अधिक लाभ लघु एवं सीमांत किसानों को होगा।