सहारनपुर। महानगर में दवा की दुकानों पर 15 से 25 फीसदी छूट के बोर्ड और बैनर लगाकर दवाइयां भेजी जा रही हैं। ऐसे में औषधि प्रशासन विभाग को शक है कि छूट के नाम पर अधोमानक दवाओं का कारोबार हो सकता है। इसलिए इन दुकानों की जांच होगी और वहां से दवाइयों के सैंपल लिए जाएंगे।
जिले में होलसेल सहित पांच हजार से अधिक मेडिकल स्टोर संचालित हैं। मेडिकल स्टोरों पर दवाइयों की जांच के लिए औषधि प्रशासन विभाग निरीक्षण करता रहता है। यही नहीं पूर्व में कई बार मेडिकल स्टोरों से नशीली दवाइयां भी बरामद की चुकी हैं। अब कुछ मेडिकल स्टोर स्वामियों ने अच्छा मुनाफा कमाने के लिए 15 से 25 प्रतिशत छूट के बोर्ड लगाए हैं। ये बोर्ड व बैनर नेहरू मार्केट और किशनपुरा में नजर आ जाएंगे। विभाग ने आशंका जताई है कि इन दुकानों पर दवाओं के नाम पर खेल खेला जा रहा है। ऐसे में अच्छी कंपनियों की दवाएं इतने अधिक मार्जिन पर बेचा जाना संभव नहीं है। ऐसी स्थिति में दुकानदार कहीं न कहीं मरीजों को अधोमानक दवाएं बेच रहे हैं।
दुकानों को चिह्नित कर विभाग करे जांच
सहारनपुर केमिस्ट एंड डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन के जिला महामंत्री सुनील ठाकुर ने कहा कि जो मेडिकल स्टोर 20 से 25 प्रतिशत छूट के बोर्ड लगाए हुए हैं, यह गलत है। इतनी छूट दवा व्यापारी किस आधार पर दे सकता है। कंपनी इतनी छूट नहीं देती, ये जांच का विषय है। दवा अधोमानक है या टैक्स की चोरी की जा रही है। ऐसे में औषधि प्रशासन व जीएसटी विभाग को जांच करनी चाहिए।
वर्जन
महानगर में दवा की दुकानों पर 15 से 25 फीसदी छूट के बोर्ड लगे होने की जानकारी मिली है। इन दुकानों पर जांच कर दवाओं के सैंपल लिए जाएंगे। दवाओं की जांच कराई जाएगी। साथ ही दुकानदारों को नोटिस भेजा जाएगा कि छूट का बोर्ड हटा लें। इसके बाद भी छूट के बोर्ड नहीं हटाए गए तो कड़ी कार्रवाई होगी।
-लवकुश प्रसाद, औषधि निरीक्षक