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Saharanpur : आवारा कुत्तों ने सात साल के मासूम को नोंच कर मार डाला, पूरे इलाके में दहशत

Sun, 19 Feb 2023 02:28 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
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बच्चे की मौत के बाद विलाप करती परिजन महिलाएं
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गंगोह(सहारनपुर) के गांव बिलासपुर में सात वर्षीय मासूम बालक कान्हा को आवारा कुत्तों ने नोच कर मार डाला। वह तीन बहनों का इकलौता भाई था। बच्चे की मौत से परिजनों में कोहराम मचा है। सूचना पाकर एसडीएम, तहसीलदार एवं पुलिस के साथ मौके पर पहुंची और परिजनों को सांत्वना दी। गमगीन माहौल में बालक के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।

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शनिवार दोपहर गांव निवासी विकास के पुत्र कान्हा (7) को घर में ना पाकर उसकी दादी जगवती उसे ढूंढते हुए घर के पीछे अपने गेंहू के खेतों में पहुंची तो वहां कान्हा खून से लथपथ पड़ा था। उसे कुत्तों ने बुरी तरह से नोच रखा था। उन्होंने शोर मचाया तो परिजन और ग्रामीण वहां पहुंचे और कान्हा को चिकित्सक को दिखाया गया। चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बालक की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया।

आवारा कुत्तों द्वारा की गई वारदात से पूरे क्षेत्र में दहशत व्याप्त हो गई। जिसने भी सुना वही मृतक बालक के घर की और दौड़ पड़ा। कुछ ही देर में वहां लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई। सूचना पर एसडीएम नकुड़ रम्या आर, तहसीलदार राधेश्याम शर्मा और पुलिस भी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों अश्वनी उपाध्याय, मांगेराम, भोपाल कश्यप, मोनू प्रधान, जसबीर सिंह आदि ने एसडीएम से आवारा कुत्तों से निजात दिलाने की मांग की। एसडीएम ने परिजनों को सांत्वना दी और वन विभाग को अभियान चलाकर आवारा कुत्तों को पकड़ने के निर्देश दिए।
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बेसहारा गोवंश को बचाते हुए दे दी बालक ने जान
घर से करीब पचास मीटर दूर खेत में बालक कान्हा के शव के समीप ही एक बेसहारा गोवंश बछड़े का शव भी पड़ा था। उसे भी कुत्तों ने नोच कर मौत के घाट उतार दिया था। ग्रामीणों और परिजनों को अनुमान है कि घर के पीछे खेलते हुए कान्हा गोवंश को कुत्तों से बचाने के लिए खेत में चला गया होगा तभी कुत्तों ने उसे भी अपना शिकार बना लिया। बालक ने गोवंश को बचाने के चक्कर में अपनी जान गंवा दी।

तीन बहनों का इकलौता भाई था कान्हा
मृतक बालक कान्हा तीन बहनों का इकलौता भाई था। उसकी मौत से पिता विकास, माता पिंकी, दादा मेहरसिंह, दादी जगवती और बहनों तान्या, तमन्ना एवं तूलिका का रो रोकर बुरा हाल था। मां और तीनों बहनें तो पछाड़ खा खाकर गिर रही थीं। अन्य परिजन एवं ग्रामीण उन्हें दिलासा दे रहे थे।

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