सहारनपुर। जिले की ग्राम पंचायतों में ग्रामीणों की सहूलियत के लिए बनाए गए मिनी ग्राम सचिवालयों में बैठने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही सामने आई है। कहीं मिनी ग्राम सचिवालयों पर ताले लटके मिले तो कहीं पर कर्मचारी ग्रामीणों की समस्याएं सुनते हुए नजर आए। अनेक जगहों पर सुबह दस बजे मिनी ग्राम सचिवालय नहीं खुलते हैं, जिससे ग्रामीणों को दिक्कत उठानी पड़ती है। इस पर प्रस्तुत अमर उजाला की लाइव रिपोर्ट...
सुबह10:52 बजे:-
काटने पड़ते हैं ब्लॉक व तहसील के चक्कर
विकासखंड नागल के गांव बढेड़ीकोली सचिवालय पर ताला लटका मिला। ग्रामीण सचिन और राजेश का कहना है कि मिनी ग्राम सचिवालय नियमित रूप से नहीं खुलता है। ऐसे में उन्हें ब्लॉक और तहसील के चक्कर काटने पड़ते हैं।
11:01 बजेे:-
सचिवालय बंद मिले
विकासखंड नागल के गांव बोहडूपुर के ग्राम सचिवालय पर भी ताला लटका मिला। यहां भी समस्या लेकर आए ग्रामीण परेशान होते हुए दिखे। इसी तरह विकासखंड बलिया खेड़ी के गांव कोटा में भी सचिवालय पर ताला लगा मिला है, जिसकी वजह से ग्रामीण परेशान नजर आए।
11:15 बजे
समस्या सुनते मिले कर्मचारी
बड़गांव के सचिवालय में कर्मचारी ग्रामीणों की समस्या सुनते हुए मिले। सचिवालय में ग्राम पंचायतों से जुड़े विभागों के कर्मचारी मौजूद थे, जो एक-एक कर ग्रामीणों की परेशानी सुनकर उनका समाधान करा रहे थे। इसी तरह गांव मनोहरपुर में सचिवालय खुला मिला। ग्राम प्रधान बाबूराम व ग्राम सचिव आदित्य कुमार मौजूद थे। यहां ग्रामीण पूजा व दीपक योजनाओं को लेकर पंजीकरण कराने पहुंचे थे।
11:30 बजे
पंजीकरण कराते हुए मिले ग्रामीण
नानौता देहात ग्राम सचिवालय खुला मिला। यहां भी विभिन्न कार्यों को लेकर आए ग्रामीण जन्म व मृत्यु प्रमाणपत्र व पेंशन सहित अनेक योजनाओं के लिए पंजीकरण कराने पहुंचे थे। कर्मचारी ग्रामीणों का कार्य करते हुए नजर आए। इसी तरह गागलहेड़ी के ग्राम सचिवालय भी कर्मचारी एडीओ पंचायत कंवरपाल सैनी व ग्राम विकास अधिकारी गौरव शर्मा लोगों को योजनाओं की जानकारी देते हुए मिले।
इस उद्देश्य से बनाए थे ग्राम सचिवालय
जिले में करीब 300 ग्राम पंचायतों में ग्राम सचिवालय बनाए गए थे, जहां पर कंप्यूटर ऑपरेटर सहित ग्राम पंचायत से जुड़े विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों की बैठने की व्यवस्था की गई। ताकि ग्रामीणों को समस्याओं के लिए जिला मुख्यालय आकर परेशान न होना पड़े, लेकिन कहीं पर सचिवालय समय पर खुलते हैं तो बड़ी संख्या में कर्मचारियों की लापरवाही आए दिन नजर आती है। ऐसे में ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान नहीं हो पाता है।
मिनी ग्राम सचिवालय निर्धारित समय पर खुलते हैं और ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान कराया जाता है। अगर कहीं कोई कर्मचारी व अधिकारी लापरवाही बरत रहा है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -विजय कुमार, मुख्य विकास अधिकारी
गांव नानौता देहात के ग्राम सचिवालय में ग्रामीण की समस्या सुनते कर्मचारी