सहारनपुर के पुलिस लाइन गेट के सामने पुलिस की टोपिया दिखाता दुकानदार
सहारनपुर। समाचार का शीर्षक पढ़कर आप नकारात्मक बिल्कुल मत सोचिए। यहां हम बात कर रहे हैं भगत सिंह कॉलोनी के रहने वाले चरणजीत सोढ़ी की, जो पिछले करीब 12 वर्षों से पुलिस को टोपी पहना रहे हैं। दरअसल, चरण सोढ़ी की कई दशक से परचून की दुकान थी, लेकिन पुलिस लाइन के नजदीक आवास होने की वजह से उन्होंने कुछ अलग करने की सोची और लगभग 12 साल पहले पुलिस की टोपी बेचना शुरू कर दिया। अब वह होमगार्ड से लेकर इंस्पेक्टर और एनसीसी से लेकर सिक्योरिटी गार्ड की टोपी बेच रहे हैं। स्थिति यह है कि अब उन्हें टोपी वाले के नाम से ही जाना जाने लगा है। बकौल, सोढ़ी वह मुरादाबाद से टोपी लेकर आते हैं। समय के साथ-साथ पुलिस की टोपी में भी कुछ बदलाव आया है। कुछ साल पहले तक पुलिस में वी-सेफ वाली टोपी चलती थी, जिसे सुभाष चंद्र बोस की टोपी कहा जाता था, लेकिन अब उसकी जगह गोल टोपी ने ले ली है।
तीन पीढि़यों से तैयार कर रहा पुलिस की वर्दी
खान आलमपुरा निवासी मोहम्मद सईद की तीसरी पीढ़ी पुलिस की वर्दी तैयार कर रही है। बकौल, मोहम्मद सईद उनके पिता यूपी पुलिस में थे। वहां से रिटायर होने के बाद उन्होंने पुलिस की वर्दी तैयार करने का काम शुरू किया था। पिता के नक्शेकदम पर चलते ही सईद भी इस काम में आ गए। अब उनके साथ बेटा यासीन भी पुलिस की वर्दी तैयार करता है। पिछले करीब छह साल से वर्दी के साथ-साथ टोपी और अन्य सामान भी बेचना शुरू कर दिया है। मोहम्मद सईद का कहना है कि वह करीब 42 साल से इस काम को कर रहे हैं। समय के साथ-साथ वर्दी में भी काफी बदलाव आ गया है। अब उनके परिवार का यही पुश्तैनी धंधा हो गया है।