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स्मार्ट सिटी: चार साल में 68 में से मात्र 15 परियोजनाएं हुई हैं पूरी

Thu, 02 Mar 2023 12:42 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
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सहारनपुर। अधिकारियों ने बुधवार को स्मार्ट सिटी सहारनपुर लिमिटेड का पांचवां स्थापना दिवस मिठाई बांटकर मनाया, लेकिन योजना के तहत चल रही परियोजनाओं की बात करें तो प्रगति संतोषजनक नहीं है। स्मार्ट सिटी की कुल 68 परियोजनाओं में से अभी तक 15 परियोजनाएं ही पूर्ण हो सकी हैं, जबकि बड़ी परियोजनाएं अभी अधूरी पड़ी हैं।
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स्मार्ट सिटी योजना में सहारनपुर शहर का चयन 01 मार्च 2019 को हुआ था। चूंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हर साल 100 शहरों को स्मार्ट सिटी बनाने की बात कही थी। ऐसे में नागरिकों को शहर को जल्द ही स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित होने की उम्मीद जगी थी, लेकिन हकीकत यह है कि चार साल बाद भी सहारनपुर स्मार्ट सिटी नहीं बन सका है। करीब एक हजार करोड़ रुपये की योजना में 68 परियोजनाओं पर काम होना है, लेकिन अभी तक मात्र 15 ही परियोजनाएं पूर्ण हो सकी हैं, जबकि शेष परियोजनाओं का कार्य लटका हुआ है।
चार से पांच परियोजनाएं ऐसी बताई जा रही हैं, जिनका कार्य 90 फीसदी तक पूर्ण हो चुका है। यानी अभी तक करीब 50 परियोजनाएं ऐसी हैं, जिनको पूर्ण होने में समय लगेगा। शहर को सेफ सिटी बनाने के लिए करीब 990 सीसीटीवी कैमरे शहर में लगाए जाने हैं, मगर अभी तक करीब 500 ही कैमरे लगाए जा सके हैं।
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यातायात व्यवस्था को आईसीसीसी (इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर) से संचालित करने के लिए शहर भर में ट्रैफिक सिग्नल लगाए जाने हैं। उनको लगे करीब छह महीने बीत चुके हैं, मगर अभी तक चालू नहीं हो सके हैं। सीवर लाइन डालने का कार्य अभी अधूरा है। स्मार्ट रोड बनाने का कार्य शुरू हुए दो साल बीत चुके हैं। 23 किमी की स्मार्ट रोड बनाई जानी हैं, लेकिन अभी तक एक भी रोड पूरी तरह स्मार्ट रोड नहीं बन सकी है। स्मार्ट सिटी सहारनपुर के अधिशासी अभियंता अमरेंद्र गौतम ने बताया कि 15 परियोजनाएं पूर्ण की जा चुकी हैं। शेष पर भी कार्य चल रहा है, जिनमें से करीब पांच परियोजनाएं बहुत जल्द पूर्ण हो जाएंगी।
1500 करोड़ की थी योजना
शुरू में स्मार्ट सिटी योजना करीब 1500 करोड़ रुपये की थी। इसमें करीब 500 करोड़ रुपये के कार्य पीपीपी मोड पर होने थे। इसके लिए देहरादून रोड पर डॉ. आंबेडकर चौक स्थित एक होटल सभागार में कार्यक्रम किया गया था, जिसमें देश भर की कंपनियों को आमंत्रित किया गया था, लेकिन कंपनियों ने सहारनपुर में पैसा लगाने की रूचि नहीं दिखाई। ऐसे में पीपीपी मोड के ज्यादातर कार्यों को छोड़ दिया गया। इसके बाद पूरी योजना करीब एक हजार करोड़ की रह गई।
परियोजनाओं के कार्यों में गति नहीं
स्मार्ट सिटी योजना के तहत सबसे बड़े काम स्मार्ट रोड, सीवर लाइन, आईसीसीसी आदि के हैं, लेकिन इनके कार्य बेहद धीमी गति से चल रहे हैं। कार्यदायी संस्थाएं केवल दिन में काम करती हैं, जबकि परियोजनाओं को समय से पूर्ण करने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य होना चाहिए, जिसके लिए रात्रि में भी कार्य किया जा सकता है। दो स्मार्ट रोड पर बीते एक महीने से बिजली की लाइनों को अंडरग्राउंड किए जाने का इंतजार किया जा रहा है, जिसकी वजह से काम रुका हुआ है।
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