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Saharanpur News: ज्ञान, भक्ति और वैराग्य का महान ग्रन्थ है श्रीमदभागवत

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गंगोह में श्रीमद् भागवत कथा श्रवण का आनन्द लेते श्रद्धालु - फोटो : SAHARANPUR
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गंगोह (सहारनपुर)। आचार्य रजनीश ने कहा कि श्रीमद्भागवत ही एक मात्र ऐसा शास्त्र है, जिसके ज्ञान से ही मोक्ष की प्राप्ति संभव है।
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महादेव कुटी में चल रहे श्रीमद्भागवत सप्ताह में आचार्य रजनीश ने बताया कि यह पुराण सभी प्रकार के कल्याण देने वाला है। ज्ञान, भक्ति और वैराग्य का यह महान ग्रंथ है। भागवत पुराण में बारह स्कंध हैं, जिनमें भगवान विष्णु के अवतारों का ही वर्णन है। कहा कि हमारे जीवन में भागवत कथा का वही महत्व है जो शरीर में आत्मा का होता है। जिस प्रकार आत्मा बिना शरीर निरर्थक है, उसी तरह भक्ति बिना जीवन शून्य है। उन्होंने नारद जी के प्रसंग के माध्यम से बताया कि जब मनुष्य पूरी तरह भक्ति मय हो जाता है, तब ज्ञान व वैराग्य स्वयं आ जाता है। परीक्षित की कथा के माध्यम से बताया कि आत्मा जन्म-मरण के चक्र से बाहर है। उन्होंने कहा कि जगत के संबंध का परिणाम दुख है और प्रभु से संबंध का परिणाम सुख ही सुख है। उस कार्य की पूर्णता में कोई संदेह नही, जब मन में राम रखकर काम किया जाए। कथा व्यास ने कहा कि व्यवहार दुनियादारी में सबसे रखो, लेकिन मन को गोविंद के चरणों में लगाए रखो। इससे पूर्व कथा व्यास का संजय भारद्वाज, रमेश गर्ग, ब्रह्मपाल शर्मा, संजय शर्मा, दीशु नामदेव ने माल्यार्पण कर स्वागत किया। आरती चौ. नक्षत्रपाल सिंह, ललित शर्मा, प्रभाकर कौशिक, अतुल गोयल व सुदर्शन क्लब परिवार ने की। संचालन कश्यप कुमार फौजी ने किया।

गंगोह में श्रीमद् भागवत कथा की अमृतवर्षा करते आचार्य रजनीश महाराज- फोटो : SAHARANPUR

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