संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। बेहट अड्डा स्थित रामलीला मैदान पर दुकानें नगर निगम की संपत्ति में दर्ज होंगी। साथ ही उक्त दुकानों का किराया भी अब नगर निगम ही वसूल करेगा। लीज खत्म होने के बाद निगम ने रामलीला मैदान को अपने कब्जे में लिया है।
रामलीला मैैदान के नाम से उक्त संपत्ति नगर निगम की है। यह श्रीरामलीला कमेटी ने लीज पर ली हुई थी। लीज जुलाई 2022 में खत्म हो गई है। इसके बाद नगर निगम बोर्ड ने उक्त भूमि को पार्क के रूप में विकसित करने का निर्णय किया है। नगर निगम उसकी चाहरदीवारी कराने के साथ ही चारों ओर ट्रैक बनवाएगा। जिससे लोग टहल सकें। सुंदरीकरण के लिए पौधे लगाए जाएंगे। बैठने के लिए बेंच आदि रखी जाएंगी। निगम ने यह भी निर्णय किया कि उक्त पार्क को रामलीला के आयोजन के लिए प्रतिवर्ष कमेटी को एक माह के लिए दिया जाएगा। जिससे रामलीला के मंचन और आयोजन की परंपरा जारी रहे।
खास बात यह है कि लीज पर रहने के दौरान उक्त भूमि पर बेहट रोड के साथ-साथ करीब 50 से अधिक दुकानें बन गई हैं। ये नगर निगम की अनुमति के बगैर बनी हैं। इनमें ज्यादातर दुकानें कईं दशक पुरानी हैं, जबकि कुछ अभी बन रही हैं। उक्त दुकानें नगर निगम की संपत्ति में दर्ज होंगी। अभी तक उक्त दुकानों का किराया अन्य लोग वसूल रहे थे, लेकिन अब नगर निगम वसूलेगा। भविष्य में जरूरत पड़ने पर नगर निगम उक्त दुकानों में अपनी मर्जी से बदलाव भी कर सकेगा।
बस अड्डा भी होगा बाहर
रामलीला मैदान पर निजी बस अड्डा संचालित है। यहां से करीब 155 बसों का संचालन बेहट, चकराता, विकास नगर, शाकंभरी आदि स्थानों के लिए होता है। इस भूमि पर पार्क विकसित होगा। ऐसे में बस अड्डे को यहां से हटाया जाएगा।
वर्जन
लीज खत्म होने के बाद नगर निगम ने बेहट अड्डे की संपत्ति को कब्जे में लिया है। यहां बनी दुकानें नगर निगम की संपत्ति में दर्ज होंगी। इनका किराया भी अब नगर निगम वसूलेगा। साथ ही बस अड्डे को यहां से हटवाया जाएगा।-दिनेश यादव, संपत्ति अधिकारी, नगर निगम