सहारनपुर। सरकारी अस्पताल की दवाई भी मानकों पर खरी नहीं उतरी है। दो महीने पहले जनपदीय ड्रग वेयर हाउस से छह दवाओं के नमूने लिए गए थे। प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट में दो दवाओं के सैंपल फेल आए हैं, जिनमें एंटीबायोटिक इंजेक्शन व खांसी का सिरप शामिल है। हैरानी की बात यह है कि 7400 एंटीबायोटिक इंजेक्शन सरकारी अस्पतालों में बंट चुके हैं, जो मरीजों को लगाए जा चुके हैं।
औषधि निरीक्षक आशुतोष चौबे ने गंगोह में लखनौती स्थित जनपदीय ड्रग वेयर हाउस से 26 अप्रैल 2024 को एंटीबायोटिक इंजेक्शन सहित छह दवाओं के सैंपल लिए थे। इसके बाद इन सभी सैंपलों को लखनऊ प्रयोगशाला भेजा गया। प्रयोगशाला से औषधि प्रशासन विभाग को शुक्रवार को सैंपलों की जांच रिपोर्ट मिली। रिपोर्ट के अनुसार, एंटीबायोटिक इंजेक्शन में 82.5 व खांसी सिरप में 81 प्रतिशत दवा पाई गई है, जो मानक पर खरे नहीं हैं। औषधि प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग को पत्र जारी कर तत्काल रोक लगाने का अनुरोध किया है। इसके साथ ही संबंधित दवा निर्माता फर्म और ड्रग वेयर हाउस को नोटिस दिया। जिसमें पांच दिन का समय दिया गया है। हालांकि चार दवाओं के सैंपल जांच में मानक पर खरे उतरे, जो दर्द निवारक, एंटी फंगल आदि की थी।
अप्रैल में ड्रग वेयर हाउस से छह दवाओं के सैंपल हुए थे। इन सभी की रिपोर्ट आ गई है। इनमें से एंटीबायोटिक इंजेक्शन व खासी सिरप का नमूना फेल आया है। निर्माता फर्म और ड्रग वेयर हाउस को नोटिस जारी किया है। इनके वितरण पर रोक लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग से कहा है।
- आशुतोष चौबे, औषधि निरीक्षक