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UP: 34 घंटे बाद अंतिम संस्कार, 15 साल से इस मांग पर अड़े थे ग्रामीण, एसडीएम ने जेसीबी बुलाकर कराई पूरी

Fri, 24 Mar 2023 04:30 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, सहारनपुर

सार

Saharanpur News : ग्रामीणों ने मांग पूरी होने पर करीब 34 घंटे बाद शव का अंतिम संस्कार किया। पिछले 15 साल से ग्रामीण श्मशान घाट का रास्ता बनवाने की मांग कर रहे थे।
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अंतिम संस्कार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सहारनपुर जनपद के बेहट में प्रशासन द्वारा श्मशान की भूमि तक जेसीबी से रास्ता बनवाने के बाद ही डूडू माजरा के ग्रामीण शव के अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए। सुबह से ही नायब तहसीलदार जेसीबी से रास्ता बनवाने का काम करा रहे थे। दोपहर के समय 34 घंटे बाद मृतक कर्म सिंह के शव का अंतिम संस्कार किया गया। 

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नायब तहसीलदार अनिल कुमार राजस्व टीम एवं फोर्स के साथ शुक्रवार की सुबह ही डूडू माजरा पहुंच गए थे। उन्होंने मौके पर जेसीबी को बुलाकर श्मशान की भूमि तक रास्ता बनवाने का काम शुरू किया। दोपहर दो बजे रास्ता बनकर तैयार हो जाने के बाद ग्रामीण मृतक कर्म सिंह के शव का अंतिम संस्कार करने के लिए राजी हुए। इसके बाद ग्रामीणों ने प्रशासन द्वारा बनाए गए रास्ते से अर्थी ले जाकर शमशान की उसी भूमि में अंतिम संस्कार किया, जिसमें अवैध खनन किया हुआ है।

बता दें कि बृहस्पतिवार की सुबह चार बजे गांव के कर्म सिंह की बीमारी से मौत हो गई थी। वहीं परिजनों व ग्रामीणों ने अंतिम संस्कार करने से इंकार कर शव को घर में ही रख लिया था। ग्रामीणों का आरोप था कि 15 साल पहले एक स्टोन क्रशर मालिक ने उनके श्मशान की भूमि में अवैध खनन किया और उसके बाद वहां तक जाने वाले रास्ते को भी खुदाई कराकर खुर्द-बुर्द कर दिया था।
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इसके बाद न तो उनके पास शव का अंतिम संस्कार करने के लिए भूमि बची है और न ही वहां तक पहुंचने का रास्ता। जब भी गांव में किसी व्यक्ति की मौत होती है, तो प्रशासनिक अधिकारी हर बार समस्या के समाधान का आश्वासन देकर दूसरी जगह अंतिम संस्कार कराकर चले जाते हैं। पिछले 15 साल से लगातार उनके साथ यहीं हो रहा है। इस बार ग्रामीण समस्या के समाधान तक शव का अंतिम संस्कार नहीं करने पर अड़े हुए थे। श्मशान की भूमि तक रास्ता बनवाए जाने के बाद ही ग्रामीण अंतिम संस्कार को राजी हुए। 

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श्मशान की भूमि तक जेसीबी से रास्ता बनवा दिया गया है, इसी की ग्रामीण मांग कर रहे थे। रास्ता बनने के बाद ग्रामीणों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया है। - दीपक कुमार, एसडीएम बेहट
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