सोमवार की रात देहात कोतवाली इंस्पेक्टर मनोज चाहल ने एक सूचना के आधार पर पुलिस टीम के साथ बिजोपुरा नहर की पुलिया के बदमाशों की घेराबंदी की। तब, बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी।
पुलिस ने मुठभेड़ के बाद शोएब निवासी गांव लंढौरा गुर्जर, प्रशांत निवासी कांकरकुई कोतवाली रामपुर मनिहारान, हुसैन व कादिर निवासी गांव तिगरी, आवेश उर्फ घुल्लर निवासी अहतमाल थाना झिंझाना जनपद शामली को गिरफ्तार किया, जबकि इनके तीन साथी फरार हो गए। आरोपियों के पास से एक तमंचा, दस हजार 200 रुपये की नकदी, दो बाइक बरामद हुई है।
गिरोह का सरगना है शोएब
गिरोह का सरगना शोएब है, जो अनपढ़ है। पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि शहजाद उसके भाई का साढृू है। उसे पहले से पता था कि शहजाद के घर किस दिन पैसे आने वाले हैं। इसके बाद उसने अपने साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया।
आईटीआई पास है प्रशांत, शोएब कादिर की जेल में हुई थी मुलाकात
पकड़े गए आरोपियों प्रशांत आईटीआई पास है, जबकि मुख्य आरोपी शोएब शातिर अपराधी है, जो कोतवाली रामपुर मनिहारान से पहले भी जेल जा चुका है। कादिर भी पिछले दिनों एक मामले में जेल गया था। जेल में ही शोएब और कादिर दोस्ती हो गई थी। जमानत पर छूटने के बाद इन्होंने गिरोह बनाया और डकैती की वारदात को अंजाम दिया।