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सहारनपुर : चंद्रशेखर पर हुए हमले के मुकदमे में अधिवक्ताओं के बीच बहस

Wed, 07 Aug 2024 02:05 AM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, सहारनपुर

सार

आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना सांसद चंद्रशेखर पर हुए हमले के मामले में मंगलवार को दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के बीच बहस हुई। मामले में अदालत ने सुनवाई के लिए 21 अगस्त की अगली तारीख दी है।
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नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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मामला अपर सत्र न्यायाधीश एससीएसटी कक्ष संख्या दो की अदालत में चल रहा है। चंद्रशेखर के वरिष्ठ अधिवक्ता तमाम साक्ष्य अदालत में पेश कर चुके हैं। चंद्रशेखर के चालक मनीष कुमार, साथी रामपुर मनिहारान निवासी डॉ. ब्रजपाल और प्रतिनिधि काशी मौर्य की गवाही हो चुकी है। मंगलवार को चंद्रशेखर और आरोपी पक्ष के अधिवक्ताओं के बीच बहस हुई। साक्ष्यों के आधार पर चंद्रशेखर के अधिवक्ता ने आरोपियों को सजा दिलाने के लिए पक्ष रखा है। इस मामले में चंद्रशेखर और जांच अधिकारी की गवाही अहम होगी। उनके अधिवक्ता के मुताबिक, जल्द सांसद चंद्रशेखर की गवाही होगी।
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यह था प्रकरण
पिछले वर्ष 29 जून को देवबंद में यूनियन तिराहे पर कार में आए युवकों ने चंद्रशेखर की गाड़ी पर फायरिंग की थी। एक गोली चंद्रशेखर को पेट को छूकर निकली थी। चंद्रशेखर और डॉ. ब्रजपाल घायल हुए थे। पुलिस ने आरोपी विकास उर्फ विक्की, प्रशांत, लविश निवासी गांव रणखंडी देवबंद और विकास निवासी गौंदर थाना निसिंग जिला करनाल हरियाणा को गिरफ्तार किया था।
 

सांसद चंद्रशेखर पर हमले के आरोपी गुंडा एक्ट में निरुद्ध
देवबंद। पुलिस ने आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व सांसद चंद्रशेखर आजाद पर हमले के चार आरोपियों को उत्तर प्रदेश गिरोहबंद समाज विरोधी क्रियाकलाप अधिनियम के तहत निरुद्ध किया है। चारों लोग सुसंगठित गिरोह बनाकर समाज में भय उत्पन्न करने का कार्य कर रहे थे।
 
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रणखंडी गांव निवासी विक्की उर्फ विकास पुत्र प्रीतम, लविश उर्फ अभिषेक पुत्र बिजेंद्र, प्रशांत पुत्र विक्रम और हरियाणा के जनपद करनाल थाना निसिंग क्षेत्र के गौदर गांव निवासी विकास उर्फ विक्की सांसद चंद्रशेखर आजाद पर हमले में शामिल थे। पुलिस ने मंगलवार को इनके खिलाफ उत्तर प्रदेश गिरोहबंद समाज विरोधी क्रियाकलाप अधिनियम के तहत निरुद्ध किया है। चारों आरोपियों ने पिछले वर्ष जून माह में चंद्रशेखर आजाद पर उस समय जानलेवा हमला किया था। जब वह एक अधिवक्ता के यहां शोकसभा में शामिल होकर लौट रहे थे। चंद्रशेखर आजाद की कार पर कई राउंड फायरिंग की गई थी। जिसमें वह घायल भी हुए थे।


 
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