सहारनपुर। अंबाला रेल मंडल का सहारनपुर-अंबाला सेक्शन कवच सिस्टम से लैस होगा। इसके लिए रेल मंत्रालय की तरफ से अनुमति मिल गई है। इस काम के लिए करीब 35 करोड़ रुपये का बजट भी स्वीकृत हो गया है। रेलवे ट्रैक में कवच सिस्टम से रेल हादसों पर रोक लगेगी। सिस्टम लगाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
दरअसल, सहारनपुर रेलवे स्टेशन ए श्रेणी का है। यहां से 153 ट्रेनों का आवागमन होता है, जिनमें साप्ताहिक ट्रेनें में शामिल हैं। रेल हादसों को रोकने के लिए रेलवे की तरफ से तमाम प्रयास किए जा रहे हैं। सहारनपुर की बात करें तो यहां सबसे ज्यादा ट्रेनों के पहिए पटरी से उतरने के मामले हो चुके हैं। ट्रेन हादसों को रोकने के लिए रेलवे की ओर से तैयार आधुनिक सिस्टम जल्द ही सहारनपुर-अंबाला सेक्शन की शान बढ़ाएंगे। कवच सिस्टम रेलवे ट्रैक पर एक-एक किलोमीटर की दूरी पर लगाया जाएगा। इसके साथ ही लोको कवच इंजन में भी लगाए जाएंगे। यह काम मार्च 2025 शुरू हो जाएगा। यह कवच ट्रेन, ट्रैक और रेलवे सिग्नल को एक-दूसरे से जोड़ता है। अगर एक ही ट्रैक पर दो ट्रेनें आमने-सामने आ जाएं या पहले से ही खड़ी ट्रेन से दूसरी के टकराने आशंका हो तो कवच सिस्टम खुद ही स्थिति को भांप कर ब्रेक लगा देता है। यह कवच ट्रेन की गति पर भी नजर रखता है और खतरे के संकेतों की पहचान करने में मदद करता है। (संवाद)
सहारनपुर-अंबाला रेल सेक्शन के बीच कवच सिस्टम लगाने के लिए बजट स्वीकृत हो गया है। जिसकी लागत करीब 35 करोड़ रुपये है। कवच सिस्टम लगने से रेल हादसों पर रोक लगेगी। मार्च 2025 में काम शुरू होगा।
- मनदीप सिंह भाटिया, डीआरएम, अंबाला मंडल