सहारनपुर। एसएजी (सीनियर एडमिनिस्ट्रेटिव ग्रुप) की टीम ने शुक्रवार को डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर रेल ट्रैक का निरीक्षण किया। इस दौरान रेलवे व डीएफसीसी अधिकारियों ने 92 किलोमीटर में बने स्टेशन, ट्रैक की क्षमता, सिग्नल और विद्युतीकरण के मानकों की बारीकी से जांच की। टीम रिपोर्ट रेलवे बोर्ड को सौंपेगी।
शुक्रवार को रेलवे विभाग और डीएफसीसी अधिकारियों ने न्यू खतौली से न्यू पिलखनी तक बने डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का विशेष रेल चेयर कार से पूरे दिन निरीक्षण किया। एसएजी टीम में रेलवे से प्रमुख मुख्य संरक्षा अधिकारी डिंपी गर्ग, डीएफसीसी मेरठ यूनिट के मुख्य महाप्रबंधक (सीजीएम) पवन कुमार और डिप्टी मुख्य प्रोजेक्ट मैनेजर कुलदीप कुमार शामिल रहे। टीम में शामिल अधिकारियों ने न्यू खतौली रेलवे स्टेशन से जांच पड़ताल शुरू की।
इसके बाद न्यू खतौली से न्यू पिलखनी तक बने ट्रैक की क्षमता, पुलों की गुणवत्ता, रेलवे स्टेशन पर सिग्नल, कंप्यूटर मॉनिटरिंग सिस्टम आदि की जांच की। न्यू मुजफ्फरनगर, न्यू रोहन कलां, न्यू देवबंद, न्यू सहारनपुर और न्यू पिलखनी सहित 10 रेलवे स्टेशनों पर हर बिंदुओं के मानकों को चेक किया। शाम को न्यू पिलखनी रेलवे स्टेशन पर पहुंचकर तकनीकी जांच भी की। डीएफसीसी मेरठ यूनिट के मुख्य महाप्रबंधक पवन कुमार ने बताया स्टेशनों की जांच के बाद निरीक्षण ठीक पाया गया है। टीम की विस्तृत रिपोर्ट रेलवे बोर्ड को सौंपेगा। उसके बाद नए ट्रैक को व्यावसायिक ऑपरेशन की अनुमति को हरी झंडी मिलेगी।