सहारनपुर। बारिश का मौसम चल रहा है, लेकिन सहारनपुर डिपो की बसों में बारिश से बचाव का कोई इंतजाम नहीं किया गया है। कई बसें ऐसी हैं, जिनमें आगे के शीशे साफ करने के लिए वाइपर नहीं लगे हैं। ऐसे में इन बसों से सफर करना खतरे से खाली नहीं है। जिम्मेदारों पर कोई असर नहीं है।
सहारनपुर परिवहन परिक्षेत्र में छह डिपो हैं। सभी डिपो से अलग-अलग मार्गों पर करीब 592 बसों का संचालन होता है। शासन और मुख्यालय की सख्ती के बाद रोडवेज बसों की दशा नहीं सुधर रही है। बारिश के मौसम में बसों की हालत खराब हो गई है। बसों के वाइपर गायब हो गए हैं। तेज बारिश होने पर चालक के लिए आगे का दृश्य देख पाना मुश्किल हो रहा।
चालक को गाड़ी को रोककर शीशों को हाथों से साफ करना पड़ रहा है। अगर शीशा साफ न किया जाए तो हादसे का डर बना रहता है। यदि दूर-दराज जाने वाली बसों को छोड़ दिया जाए तो काफी बसें ऐसी हैं, जिसकी खिड़की के शीशे पूरे नहीं हैं। यहां तक की बारिश में सफर करने वाले यात्री सीट छोड़कर खड़े हो जाते हैं, ताकि भीगने से बच सके।
उधर, प्रभारी क्षेत्रीय प्रबंधक परवेज बशीर ने बताया कि वैसे तो सभी बसों में वाइपर लगे हैं। यदि किसी बस में वाइपर नहीं लगा है तो उसे दिखवाया जाएगा।
खराब होने लगीं रोडवेज बसें
जिले में पिछले पांच दिनों से लगातार बारिश हो रही है। जिससे कांशीराम काॅलोनी बस अड्डे पर खड़ी एसी बस खराब हो गई। इसके बाद बस को रोडवेज की सामान ढोने वाली बस से खींचकर वर्कशॉप तक लाया गया। इसके अलावा अन्य बसें भी खराबी के चलते वर्कशॉप में खड़ी रहती हैं। इन दिनों वर्कशॉप बसों से भरा हुआ है।