फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Saharanpur News: हाजी इकबाल, उनके भाई और तीन बेटों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज

विज्ञापन
हाजी इकबाल - फोटो : SAHARANPUR
विज्ञापन
सहारनपुर/बेहट। पूर्व एमएलसी खनन माफिया हाजी मोहम्मद इकबाल, उनके भाई व तीन पुत्रों के खिलाफ बेहट कोतवाली में जानलेवा हमला कराने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। उधर, हमला करने के आरोपी को मिर्जापुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
विज्ञापन

सहारनपुर के देहात कोतवाली क्षेत्र के मंडी समिति रोड स्थित मदनपुरी कॉलोनी निवासी सुहेल पुत्र फजलू ने यह मामला बेहट कोतवाली में दर्ज कराया है। उसने रिपोर्ट में बताया कि बृहस्पतिवार को वह विकास नगर से अपनी रिश्तेदारी में गया था। रात करीब साढ़े आठ बजे लौटते समय बेहट बिजलीघर के पास पीछे से पल्सर बाइक पर सवार वासिल पुत्र इकबाल निवासी मिर्जापुर ने उसे रोक लिया और उसने तमंचा निकालकर उस पर फायर कर दिया। बचाव करते हुए वह बाइक समेत नीचे गिर गया और उसे गंभीर चोट लगी। हमलावर ने उसे धमकी देते हुए कहा, कि हाजी इकबाल के खिलाफ जाने का यही नतीजा है। वासिल दूसरा फायर करने ही वाला था, वह किसी तरह बचकर भाग निकला। बेहट पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल उर्फ बाल्ला, उनके भाई महमूद अली, तीन पुत्रों जावेद, अफजाल, वाजिद के अलावा हमला करने वाले वासिल के खिलाफ हमला करवाने और हत्या के प्रयास का रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने बताया कि मिर्जापुर ने हमलावर वासिल पुत्र इकबाल निवासी मिर्जापुर को शुक्रवार की सुबह कासमपुर पुलिया से गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके पास से घटना में प्रयुक्त तमंचा, कारतूस व पल्सर बाइक बरामद की गई है। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह घटना में प्रयुक्त तमंचे को यमुना नदी में फेंकने जा रहा था।
विज्ञापन

गौरतलब है कि पुलिस हाजी इकबाल के भाई पूर्व एमएलसी महमूद अली और उनके चार बेटों जावेद, अफजाल, अलीशान और वाजिद को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है, जबकि हाजी इकबाल वांछित चल रहा है, जिस पर 50 हजार का इनाम घोषित है।
जमीन की पैरवी बंद न करने पर कराया गया हमला
बेहट। पीड़ित सुहेल ने बताया कि ग्लोकल यूनिवर्सिटी के पास उनकी तीन बीघा जमीन थी, जिसमें से कुछ जमीन का बैनामा जबरन हाजी इकबाल और उसके परिवार के लोगों ने करा लिया था। कुछ जमीन बची थी, जिस पर उन्होंने जबरन कब्जा कर रखा है। वह कई बार हाजी इकबाल, उसके भाई व पुत्रों से कब्जा की गई उसकी जमीन को छोड़ने की बाबत बात करने गया, लेकिन उसे जान से मारने की धमकी देकर भगा दिया गया। कुछ महीने पहले उसे जानकारी हुई कि हाजी इकबाल के खिलाफ पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की है। इस पर वह ग्लोकल यूनिवर्सिटी पहुंचा, जहां उसे हाजी इकबाल के बेटे जावेद का दोस्त वासिल पुत्र इकबाल निवासी गांव मिर्जापुर मिला। उसने उससे कहा, कि वह उसकी बात जावेद व वाजिद से करा देगा। अगले महीने आना। कुछ दिन बाद उसे हाजी इकबाल के भाई महमूद अली व बेटे जावेद की गिरफ्तारी की बात पता चली, तो वह अपनी जमीन की बात करने वासिल के पास गया। उसने उसे जवाब दिया कि वह जल्दी ही जेल में जावेद आदि से मुलाकात करने जाएगा। आरोप है, कि इसके बाद एक दिन वासिल उसके पास आया और उसे धमकाया कि वह अपनी जमीन की पैरवी बंद कर दें, नहीं तो हाजी इकबाल, उनके भाई महमूद अली व बेटों जावेद, वाजिद, अफजाल ने उसे रास्ते से हटाने के लिए कहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें