-मोबाइल पर ऑनलाइन डाटा फीडिंग करने के लिए दिया प्रशिक्षण
-आशाओं के कार्यों को एक क्लिक पर देख सकेंगे स्वास्थ्य अधिकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। गर्भवतियों व नवजात के टीकाकरण का ब्योरा अब ई-कवच एप पर दर्ज होगा। आशा कार्यकत्रियों के कार्यों को एक क्लिक पर ऑनलाइन देखा जा सकता है। आशाएं एप पर गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण, टीकाकरण आदि कार्यों की नियमित फीडिंग क्षेत्र से ही करेंगी। इसके लिए उन्हें प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, एएनएम क्षेत्र तथा घर-घर जाकर गर्भवती का पंजीकरण, टीकाकरण आदि कार्य करती हैं। आशा कार्यकर्ताओं को अपने कार्यों का कागज पर रिपोर्ट तैयार करनी पड़ती है। अब उन्हें पेन, कागज से छुटकारा मिल जाएगा। उनके कार्यों पर शासन की नजर रहेगी। इसके लिए ई-कवच एप बनाया गया है। आशा और एएनएम को अब इसी एप पर बच्चों और गर्भवती के टीकाकरण का ब्योरा अपलोड करना होगा। एप के जरिए क्षेत्र से ही ऑनलाइन फीडिंग करने में आसानी होगी। एप से अधिकारी कहीं से भी आशा कार्यकर्ता के कार्यों की प्रगति को देख सकेंगे। ऑनलाइन कार्य करने के लिए आशाओं को मोबाइल फोन दिए गए हैं, जिन आशाओं को अभी फोन नहीं मिले हैं, उन्हें भी अगले महीने मोबाइल फोन उपलब्ध करा दिए जाएंगे। डीसीपीएम बृजेश कुमार ने बताया कि मोबाइल की सभी प्रक्रिया को पूरा कर लिया गया है। मोबाइल पर ऑनलाइन कार्य करने के लिए आशाएं प्रशिक्षित की गई है, ताकि उन्हें कोई परेशानी न हो।
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--वर्जन
ई-कवच एप की मदद से आशा कार्यकर्ता अपने क्षेत्र से ही डाटा एकत्रित कर सकेंगी। मोबाइल के जरिए गर्भवती और बच्चों के स्वास्थ्य संबंधी जानकारी को भी एप पर अपलोड करेंगी। इससे महिलाओं और बच्चों की सेहत की सटीक जानकारी मिल सकेगी।
-डॉ. संजीव मांगलिक, मुख्य चिकित्सा अधिकारी