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Saharanpur News: फर्म से 23.45 लाख की वसूली, ठेकेदार के विरुद्ध एफआईआर दर्ज

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अमर उजाला इंपैक्ट
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-वार्ड आठ के गांव ज्ञानागढ़ में कागजों में ही कूड़ाघर बना दिए जाने का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। कागजों में ही कूड़ाघर का निर्माण करने के मामले का खुलासा होने के बाद शुक्रवार को नगर निगम अधिकारियों में हड़कंप की स्थिति रही। संंबंधित फर्म से 23.45 लाख रुपये से अधिक की रिकवरी की गई। साथ ही अपर नगर आयुक्त की ओर से ठेकेदार के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करा दी गई।
नगर निगम द्वारा नगर निगम अधिनियम 1959 की धारा 117 6बी के तहत महानगर के वार्ड आठ के गांव ज्ञानागढ़ में कूड़ाघर का निर्माण कराया जाना था। इसके लिए फर्म मेसर्स सर्वोत्तम कंट्रक्शन विशेष को काम दिया गया था। यह कार्य 7,31,052 रुपये का था, लेकिन फर्म ने कूड़ाघर का निर्माण कराए बिना ही कुछ दिन पहले नगर निगम से भुगतान करा लिया।
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हैरत की बात यह है कि ज्ञानागढ़ में बनने वाले कूड़ाघर को मंडी समिति क्षेत्र में 62 फुटा रोड पर दर्शाकर भुगतान कराया गया, जबकि 62 फुटा रोड पर बनाया गया कूड़ाघर किसी अन्य फर्म द्वारा एक साल पहले बनाया गया था, जिसका भुगतान भी उक्त फर्म को कर दिया गया था। इतना ही नहीं, भौतिक सत्यापन के लिए गठित समिति को भी उक्त कूड़ाघर ज्ञानागढ़ का बताकर दिखाया गया।
मामले को अमर उजाला ने शुक्रवार एक सितंबर के संस्करण में कागजों में ही हुआ कूड़ा घर का निर्माण, और हो गया लाखों का भुगतान शीर्षक से प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया। मामले का पता चलते ही नगर निगम अधिकारियों में हड़कंप मच गया। नगर आयुक्त और अपर नगर आयुक्त ने संबंधित फाइलें तलब करते हुए जांच की, जिसमें मामले में गड़बड़ी होना पाया गया। अधिकारियों ने बताया कि इसके बाद संबंधित ठेकेदार को नगर निगम बुलाकर उनसे 23.45 लाख रुपये का चेक लिया गया है, जिसका भुगतान भी नगर निगम के खाते में करा दिया गया है।
इतना ही नहीं, अपर नगर आयुक्त राजेश यादव की ओर से थाना कुतुबशेर में फर्म मेसर्स सर्वोत्तम कांस्ट्रक्शन के ठेकेदार शर्मानंद त्यागी के विरुद्ध एफआईआर के लिए तहरीर दी गई है।

फर्म के सभी कार्यों की होगी जांच
जिस फर्म मेसर्स सर्वोत्तम कांस्ट्रक्शन पर बिना काम किए भुगतान कराने का आरोप है। वह फर्म कई साल से नगर निगम में काम कर रही है। मामला सामने आने के बाद निगम अधिकारियों ने उक्त फर्म द्वारा कराए गए सभी कार्यों की जांच कराने का निर्णय लिया है, जिससे यदि कोई अन्य मामला भी इस प्रकार कर हो तो वह सामने आ सके।
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फर्म से 23 लाख रुपये से अधिक की वसूली की गई है। साथ ही ठेकेदार के विरुद्ध थाना कुतुबशेर में एफआईआर दर्ज कराई गई है। मामले में जो भी दोषी हैं उनको बख्शा नहीं जाएगा।
- गजल भारद्वाज, नगरायुक्त
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