सहारनपुर। बकाया गन्ना मूल्य भुगतान में पिछड़ रही निजी क्षेत्र की चीनी मिलों के विरुद्ध कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। जिलाधिकारी अखिलेश सिंह ने गन्ना आयुक्त को बकाया गन्ना मूल्य को लेकर जनपद की गांगनौली और गागलहेड़ी चीनी मिलों के वसूली प्रमाणपत्र जारी करने की संस्तुति भेजी है। जनपद की चार चीनी मिलों पर अब भी करीब 305 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य के बकाया हैं।
शासन, प्रशासन के तमाम प्रयासों के बावजूद किसान अभी भी बकाया गन्ना मूल्य पाने के लिए तरस रहे हैं। जनपद की छह चीनी मिलों में से दो मिलों ने ही अब तक पूरा गन्ना मूल्य भुगतान किया है। बकाएदार चीनी मिलों में निजी क्षेत्र की गांगनौली और गागलहेड़ी और सहकारी क्षेत्र की नानौता एवं सरसावा चीनी मिल शामिल हैं। निजी क्षेत्र की देवबंद और शेरमऊ चीनी मिल ही पूरा बकाया भुगतान कर चुकी हैं। जनपद की चार चीनी मिलों पर अब भी करीब 305 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य के बकाया हैं। इसमें सबसे अधिक गांगनौली और गागलहेड़ी चीनी मिलों पर हैं। बकाया गन्ना मूल्य की वसूली के लिए जिलाधिकारी अखिलेश सिंह ने गन्ना आयुक्त संजय आर भूसरेड्डी को इन दोनों चीनी मिलों की आरसी जारी करने की संस्तुति भेजी है।
बकाया गन्ना मूल्य भुगतान में कोताही बरतने वाली चीनी मिलों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने की तैयारी है। जिलाधिकारी ने जनपद की सबसे अधिक बकाएदार निजी क्षेत्र की गांगनौली और गागलहेड़ी चीनी मिलों की आरसी जारी करने की संस्तुति गन्ना आयुक्त से की है। ---- डॉ. आरडी द्विवेदी, जिला गन्ना अधिकारी।
जनपद में बकाया गन्ना मूल्य की स्थिति --
मिल बकाया
गांगनौली 168.79 करोड़ रुपये
गागलहेड़ी 66.13 करोड़ रुपये
नानौता 43.88 करोड़ रुपये
सरसावा 26.43 करोड़ रुपये
नोट: गन्ना विभाग के 16 सितंबर के आंकड़ों के अनुसार।