श्रीराम दरबार टोकन को संजोकर रखे है उपाध्याय परिवार
सहारनपुर। शोभित विश्वविद्यालय के विरासत हेरीटेज सेंटर के समन्वयक राजीव उपाध्याय सैकड़ों वर्ष पुराना श्रीराम दरबार टोकन संजोकर रखे हुए हैं। यह टोकन उनको विरासत में मिला है। राजीव उपाध्याय ने बताया कि करीब 400 वर्ष पूर्व अयोध्या नगरी की यात्रा पर जाने वाले यात्रियों को श्री राम दरबार टोकन मिलता था। इसे श्रीराम टका भी कहा जाता था। अधिकांश टोकन पर संवत 1740 अंकित है यानी 1683 ईसवी। इनका कहना है कि टोकन यात्रियों के लिए यात्रा स्मरण की वस्तु तो था ही, साथ ही यह अयोध्या में श्रीराम मंदिर के अस्तित्व को भी पुख्ता करता है। टोकन के एक ओर श्रीराम भगवान सीता के साथ विराजमान हैं। पास में लक्ष्मण, भरत, शत्रुघन खड़े हैं। साथ ही हनुमान जी भक्ति भाव के साथ विराजमान हैं। टोकन के दूसरी ओर श्रीराम और लक्ष्मण हाथों में त्रिशूल धारण किए हुए हैं। कंधे पर धनुष टंगा है। उन्होंने बताया कि श्रीराम दरबार टोकन पीतल के साथ ही सोने और चांदी के भी होते थे।