सहारनपुर। बरसात के दिनों में बाढ़ का कारण बनने वाली नदियों को बांधने की तैयारी है। सिंचाई विभाग उक्त नदियों के तटबंध, रपटा और पैचिंग आदि के लिए शासन को प्रस्ताव बनाकर भेज चुका है। दिसंबर तक प्रस्तावों को मंजूरी और बजट मिलने की उम्मीद है। जिसके बाद नदियों पर काम होगा।
पिछले दिनों पहाड़ों पर भारी बारिश के कारण बरसाती नदियों ने खूब तबाही मचाई थी। इतना ही नहीं, यमुना नदी का जल स्तर भी खतरे से ऊपर था, जो तटों को तोड़कर गांवों में घुस गया था। इससे एक ओर जहां फसलें बर्बाद हो गई थी, वहीं आबादी में पानी घुसने से लोगों को नुकसान उठाना पड़ा था। शहरी क्षेत्र में पांवधोई नदी और ढमोला नदी उफान पर थी, जिनकी वजह से आसपास की करीब 18 कॉलोनियों में बाढ़ की स्थिति बनी थी। पांच वर्ष पहले भी यही आलम रहा था। ऐसे में सिंचाई विभाग ने 23 ऐसी नदियों को चिह्नित किया है, जो बाढ़ का कारण बनती हैं। इनमें 18 बरसाती नदियां हैं, जो बेहट क्षेत्र में बहती हैं।
पहाड़ों पर भारी बारिश के कारण इन नदियों में अचानक से तेज बहाव के साथ पानी आता है, जो सामने आई हर चीज को बहाकर ले जाता है और कुछ समय बाद फिर से पानी उतर जाता है। इन 18 नदियों के अलावा यमुना नदी, पांवधोई नदी, ढमोला नदी आदि भी ऐसी नदियां हैं, जो बाढ़ का कारण बनती हैं। इन नदियों के तटों को मजबूत करने के लिए तटबंध, पैचिंग और रपटा आदि बनाने के लिए सिंचाई विभाग ने प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा है। जिससे की भविष्य में लोगों को बाढ़ के कारण होने वाले नुकसान से बचाया जा सके।
जनपद की 23 ऐसी नदियां हैं, जो बाढ़ की वजह बनती हैं। इनमें 18 नदियां बरसाती हैं, जो बेहट क्षेत्र में बहती हैं। नदियों के तटों पर पैचिंग आदि के कार्य होने हैं, जिनका प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया है। दिसंबर तक प्रस्तावों को मंजूरी मिलने की उम्मीद है। मंजूरी के बाद जैसे ही पैसा मिलेगा काम कराया जाएगा।
- विकास चंद्रा, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग