बड़गांव। गांव चिराऊ में डेढ़ माह पहले बेटे प्रमोद को मृत समझ परिजनों ने किसी हमशक्ल का अंतिम संस्कार कर दिया था। सात दिन बाद प्रमोद के जिंदा लौट आने पर परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा था, लेकिन रविवार देर शाम प्रमोद की अचानक बीमार होने के बाद मौत हो गई।
बता दें, कि एक फरवरी को मुज्जफरनगर में एक अज्ञात व्यक्ति की जिला अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। पुलिस ने लावारिस शव की शिनाख्त कराने के सोशल मीडिया पर मृतक का फोटो अपलोड किया था। वायरल फोटो को देखकर गांव चिराऊ निवासी चंदर प्रजापति ने शव की शिनाख्त अपने बेटे प्रमोद(24) के रूप में की थी। मुजफ्फरनगर मोर्चरी से शव लाकर उसका अंतिम संस्कार कर पांच फरवरी को पगड़ी की रस्म पूरी कर दी थी, लेकिन सात फरवरी की शाम अचानक प्रमोद वापस गांव लौट आया तो परिजन हैरत में पड़ गए थे।
प्रमोद का जिंदा घर लौटना परिजनों के लिए चमत्कार से कम नहीं था, लेकिन प्रमोद के परिजनों की खुशी ज्यादा दिन नहीं टिक पाई। करीब डेढ़ माह बाद रविवार शाम अचानक तबीयत खराब होने पर परिजन उसे बड़गांव में एक चिकित्सक के यहां लेकर पहुंचे। जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। होली के दिन प्रमोद की मौत से परिजनों में कोहराम मचा है। परिजनों ने सोमवार को गमगीन माहौल में मृतक का अंतिम संस्कार कर दिया।