सहारनपुर। पांच साल पहले कांवड़ यात्रा के दौरान एक घटना का वीडियो वर्तमान का बताकर सोशल मीडिया पर वायरल करने के मामले में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद अनिल मानसिंघका ने अपने सोशल मीडिया एकाउंट से पोस्ट डिलीट कर दी, जबकि सोशल मीडिया पर बना एसएच@केटी! प्राउड हिंदू के नाम से बना एकाउंट बंद किया गया है। बाकी तीन ने अभी पोस्ट नहीं हटाई है।
इस मामले में डीजीपी ने संज्ञान लिया था, जिसके बाद लेखिका, प्रोफेसर और सामाजिक कार्यकर्ता मधु पूर्णिमा किश्वर, सुधा शुक्ला, राजकमल, अनिल मानसिंघका और एसएच@केटी! प्राउड हिंदू के खिलाफ रविवार को कोतवाली देवबंद में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। पुलिस के मुताबिक, इन लोगों को पांच दिन पूर्व पोस्ट हटाने की चेतावनी भी दी गई थी, लेकिन पोस्ट को नहीं हटाया गया। उक्त पांच सोशल मीडिया एकाउंट धारकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होने पर अनिल मानसिंघका ने पोस्ट को डिलीट कर दिया है, जबकि एसएच@केटी! प्राउड हिंदू के नाम से बने सोशल मीडिया पेज को बंद कर दिया गया है। जांच में पता चला है कि सुधा शुक्ला और राजकमल लखनऊ के निवासी हैं। कोतवाली देवबंद और साइबर सेल की टीम इस मामले की जांच कर रही है।
यह था मामला
वीडियो 18 जुलाई 2017 का है। उस समय देवबंद के मोहल्ला लहसवाड़ा निवासी वाहिद ने हाईवे से गुजर रहे कांवड़ियों के ट्रक के नीचे कूदकर आत्महत्या कर ली थी। उसकी मानसिक स्थिति सही नहीं थी। इस वीडियो को वर्तमान का बताकर सोशल मीडिया पर वायरल किया गया है, जिसमें डीजीपी के संज्ञान लेने के बाद पांच सोशल मीडिया एकाउंट धारकों के खिलाफ कोतवाली देवबंद में माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने और आईटीएक्ट की धारा में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। सीओ देवबंद रामकरण सिंह ने बताया कि कोतवाली देबवंद पुलिस और साइबर सेल की टीम मामले की जांच कर रही है।